चंडीगढ़ः सेक्टर-9 में जिम के बाहर मारे गए प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी का शनिवार आज अंतिम संस्कार किया गया। चन्ना का अंतिम संस्कार पैतृक गांव कुब्बाहेड़ी (मोहाली) में किया गया और चिन्नी को बड़े भाई ने मुखाग्नि दी। 18 मार्च को चिन्नी की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद 19 मार्च को हरियाणा के कैथल में दोनों आरोपी शूटर मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किए गए। अंतिम संस्कार के बाद चमनप्रीत की मां बेसुध दिखीं। उन्होंने रोते हुए कहा कि जब जवान बेटा चला जाता है, तो मां तो पहले ही मर जाती है।
मैंने उसके लिए नए कपड़े, टी-शर्ट और सूट संभाल कर रखे थे। आज मेरे बेटे को सेहरा बांधकर घोड़ी पर चढ़ना था, लेकिन उसे मिट्टी में मिला दिया। मां ने कहा कि मैं पुलिस से बहुत डरती थी। लेकिन मेरा बेटा कहता था कि डरो मत मां, मैं हूं ना। आज सब कुछ खत्म हो गया। उसने बहुत प्यार और इज्जत कमाई थी। चन्नी का शव पीजीआई से गांव लाया गया और उसके गांव वासियों द्वारा उसके अंतिम दर्शन किए गए। परिजन सतनाम वाहे गुरु के जाप के साथ शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान पहुंचे थे। वहीं दीपेंद्र सिंह ने कहा कि लोग कह रहे हैं कि वह लोगों की जमीन दबाता था, फिरौतियां लेता था। दिखा दो हमें कौन सी जमीन दबाई है। पेश कर दो, जिसकी जमीन पर कब्जा किया है।
बारिश हो रही है, मेरे घर जाकर देखो, घर के बीम (गार्डर) टूटे पड़े हैं। मेरे बापू टूटे कमरे में बैठा है। मुझे डर है कि कोई बीम टूटकर उस पर न गिर जाए। हमने एक-एक रुपया जोड़कर पैसा इकट्ठा किया और दफ्तर बनाया। फिर कारोबार शुरू किया। गलती यही है कि मेरा भाई मशहूर था। वह दानी सज्जन था, जिस वजह से उसे मार दिया। उन्होंने ऐसा कर पाप किया है। मैं यह जानना चाहता हूं कि मेरे भाई को क्यों मारा। हमारी किसी से दुश्मनी नहीं थी। ऐसे में हमें किसी पर कोई शक भी नहीं था। अगर आरोपियों ने रेकी की तो वह हमारे ऑफिस भी आए होंगे। हमारा तो प्रॉपर्टी का काम है, लगा होगा कि डील करने आया है। शराब का ठेका साथ पड़ता है, लगा होगा कि शराब लेने आया होगा। हमारा किसी से बैर नहीं था, किसी पर कोई संदेह भी नहीं था।
