Sat, Jan 03, 2025, 20:57:41 PM
- Advertisement -
HomePunjabPunjabi न बोलने को लेकर Post Office कर्मी का आया बयान, देखें...

Punjabi न बोलने को लेकर Post Office कर्मी का आया बयान, देखें वीडियो

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

अमृतसरः शहर के रियाल्टो चौक स्थित पोस्ट ऑफिस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वायरल वीडियो में ड्यूटी पर तैनात पोस्टल असिस्टेंट विशाल सिंह से कथित तौर पर पंजाबी भाषा में बात करने और पढ़ने का दबाव बनाया गया। इस पूरे घटनाक्रम पर पोस्टल असिस्टेंट विशाल सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे जबरदस्ती और प्राइवेसी का उल्लंघन बताया है।

पोस्टल असिस्टेंट विशाल सिंह ने बताया कि वह मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले हैं और पिछले 4 वर्षों से अमृतसर पोस्ट ऑफिस में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्हें भारत की राष्ट्रीय भाषाएं हिंदी और अंग्रेजी आती हैं, लेकिन पोस्ट ऑफिस में आए एक व्यक्ति ने उनसे जबरन पंजाबी बोलने और पढ़ने की मांग की। विशाल सिंह के अनुसार, उन्होंने उस व्यक्ति को स्पष्ट किया कि उन्हें पंजाबी नहीं आती और विभागीय स्तर पर हिंदी व अंग्रेजी का ही उपयोग किया जाता है।

विशाल सिंह ने कहा कि डाक विभाग एक केंद्रीय सरकारी विभाग है, जिसकी सेवाएं पूरे देश में फैली हुई हैं। ऐसे में हर कर्मचारी से अलग-अलग राज्यों की भाषाएं सीखने की अपेक्षा करना व्यवहारिक नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कल उनकी ड्यूटी बंगाल या तमिलनाडु में लगा दी जाए, तो क्या उनके लिए बंगाली या तमिल सीखना अनिवार्य होगा? उन्होंने उसे यह भी कहा कि आप उन्हें पढ़ के बता दें वह आपका काम कर देंगे, परन्तु उक्त व्यक्ति ने उन्हें ही पंजाबी पढ़ने की बात कही।

पोस्टल असिस्टेंट ने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति ने उनकी अनुमति के बिना जबरन वीडियो बनाया और उन्हें अपशब्द कहे। इस तरह की हरकतों की जांच होनी चाहिए और दोषी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। विशाल सिंह ने यह भी कहा कि पोस्ट ऑफिस में लोगों की निजी जानकारी, डाक सामग्री और कई ग्राहकों की एफडी से जुड़ी रकम रहती है, ऐसे में वीडियो बनाना और वायरल करना गंभीर रूप से प्राइवेसी का उल्लंघन है।

इस पूरे मामले पर पोस्ट ऑफिस के सुपरवाइजर गुरशरणजीत सिंह ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है और वह चाहते हैं कि वीडियो बनाने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। गुरशरणजीत सिंह के अनुसार, वीडियो बनाकर पोस्ट ऑफिस और कर्मचारियों की निजता को उजागर किया गया है, जो पूरी तरह गलत है।

गुरशरणजीत सिंह ने बताया कि उनके कर्मचारी को पंजाबी बोलने के लिए मजबूर किया गया, जबकि विभागीय नियमों के अनुसार हिंदी राष्ट्रीय भाषा है और अंग्रेजी उसका विकल्प है। यदि कोई व्यक्ति हिंदी नहीं समझता, तो कर्मचारी अंग्रेजी में बातचीत करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति ने कर्मचारी को डराया-धमकाया और वीडियो बनाकर विभाग व पोस्ट ऑफिस की छवि को बदनाम करने की कोशिश की है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में उचित जांच कर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

Disclaimer

All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

- Advertisement -
- Advertisement -

You cannot copy content of this page