नई दिल्लीः कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का बुधवार को 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि उन्होंने सुबह चार बजे अस्पताल में आखिरी सांस ली। नोएडा के सेक्टर 40 स्थित आवास से मोहसिना किदवई की अंतिम यात्रा दोपहर 3 बजे निकलेगी। मोहसिन किदवई के निधन पर कई राजनेताओं ने शोक व्यक्त किया है।उन्हें आज शाम दिल्ली के निजामुद्दीन में स्थित कब्रस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। किदवई पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नेतृत्व वाली सरकार में स्वास्थ्य, परिवहन और शहरी विकास मंत्री रहीं।

वह तीन बार सांसद, कांग्रेस कार्य समिति की सदस्य और पार्टी संगठन में कई अन्य पदों पर रहीं। 1 जनवरी, 1932 को बाराबंकी में जन्मीं मोहसिना किदवई दो बार छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सदस्य भी चुनी गईं। वह 1978 उपचुनाव, 1980 और 1984 में मेरठ से सांसद चुनी गईं। इसके बाद 2004 से 2010 और 2010 से 2016 तक राज्यसभा की सदस्य रहीं। गांधी परिवार की करीबी रहीं मोहसिना किदवई केंद्र सरकार में मंत्री के अलावा हज कमेटी की अध्यक्ष भी रहीं। उन्होंने कांग्रेस महासचिव के रूप में भी काम किया। वह कांग्रेस कार्य समिति और कांग्रेस पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य भी रहीं।
किदवई ने प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने शहरी विकास और स्वास्थ्य सहित कई महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला। उनके कार्यकाल में शहरी अवसंरचना और जन कल्याण प्रणालियों में सुधार लाने के उद्देश्य से कई नीतिगत पहल की गईं। पार्टी के भीतर उन्हें एक भरोसेमंद और अनुभवी प्रशासक के रूप में माना जाता था। वह लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहीं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने मोहसिना किदवई के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मोहसिना किदवई बेहद सौम्य स्वभाव की थीं। उनके व्यक्तित्व में सरलता और विनम्रता झलकती थी। उनके निधन से कांग्रेस पार्टी को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने कई बार केंद्रीय मंत्री और सांसद के रूप में देश की सेवा की है। उनके योगदान को लंबे समय तक याद रखा जाएगा।