जालंधर: महानगर में जमीनी विवाद को लेकर दो सगे भाइयों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने का मामला सामने आया है। गुरु गोबिंद सिंह नगर निवासी महिला से जमीनी मामले में धोखाधड़ी करने वाले गुजराल नगर निवासी दो सगे भाइयों त्रिलोचन सिंह व प्रितपाल सिंह दोनों पुत्र अमरीक सिंह को आज थाना भार्गव कैंप की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
एस.एच.ओ. अशोक कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि उक्त मामले में त्रिलोचन सिंह को माननीय अदालत ने 22 मार्च 2021 को भगौड़ा करार दिया था जबकि उसका भाई प्रितपाल सिंह पुलिस को वांछित था। उन्होंने कहा कि त्रिलोचन सिंह को लुधियाना से और प्रितपाल सिंह को जालंधर से गिरफ्तार किया गया है। दोनों के खिलाफ नीना चौहान की शिकायत पर 29 जून 2019 को थाना भार्गव कैंप में आई.पी.सी. की धारा 406, 420 व 120-बी के तहत 65 नंबर एफ. आई. आर. दर्ज की गई थी।
क्या है मामला
इस मामले में पकड़े गए आरोपी त्रिलोचन सिंह व प्रितपाल सिंह ने सिद्धार्थ नगर स्थित साढ़े 13 मरले के प्लाट को नीना चौहान से 15 लाख 80 हजार रुपए का बयाना किया था लेकिन बाद में रजिस्ट्री न कर उससे धोखाधड़ी की थी। रजिस्ट्री की तारीख 24 दिसंबर 2017 रखी गई थी और त्रिलोचन सिंह 22 दिसंबर 2017 को शिकायतकर्ता के पास गया और कहने लगा कि रजिस्ट्री को लेकर कुछ कागजात पूरे न होने के कारण रजिस्ट्री की तारीख थोड़ी आगे बढ़ानी पड़ेगी, जिस पर वह सहमत हो गए और 2 महीने का समय आगे बढ़ाने के लिए कह दिया गया। लेकिन 2 महीने बीतने के बाद भी रजिस्ट्री ओर समय मांगने लगे, जिस पर वह फिर सहमत हो गए। इसके बाद 28 दिसंबर 2018 को रजिस्ट्री करवाने का समय निर्धारित किया गया था।
शिकायतकर्ता के अनुसार वह 28 दिसंबर को दिए गए समय के मुताबिक सब रजिस्ट्रार आफिस जालंधर में पहुंच गई लेकिन त्रिलोचन सिंह वहां नहीं आया। उन्हें सब रजिस्ट्रार आफिस से पता चला कि जिस प्लाट को लेकर उनका बयाना हुआ है, उस प्लाट के त्रिलोचन सिंह व प्रितपाल सिंह मालिक ही नहीं हैं। थाना प्रमुख अशोक शर्मा ने कहा कि दोनों को शनिवार सुबह माननीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किए जाएगा। फिलहाल उन्हें थाने की हिरासत में रखा गया है और उनसे इस धोखाधड़ी संबंधी पूछताछ की जा रही है। जांच में पता चला है कि दोनों भाईयों के खिलाफ साल 2020 में थाना नई बारांदरी में भी धोखाधड़ी के 2 मामले दर्ज हैं।
