नई दिल्ली : अरब देशों के विदेश मंत्रियों के भारत दौरे से पाकिस्तान की हालत खराब होने लग गई है। उसको यह डर लग रहा है कि अरब वर्ल्ड उसके खिलाफ न हो जाए। पाकिस्तानी एक्सपर्ट कमर चीमा ने अपनी सरकार से कह दिया है कि अरब वर्ल्ड अपनी स्थिति को मजबूत रखे और इन मुल्कों के साथ अपने इकोनॉमिक रिश्तों को अच्छा करे नहीं तो यहां भारत की अहमियत बढ़ जाएगी। कमर चीमा ने अपनी सरकार से कहा कि अरब वर्ल्ड में अपनी स्थिति को मजबूत रखें और इन मुल्कों के साथ अपने इकोनॉमिक रिश्तों को बेहतर करें नहीं तो यहां पर भारत की अहमियत बढ़ जाएगी।
कमर चीमा ने कश्मीर के मुद्दे का जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने अरब देशों पर भी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अब इन देशों का स्टैंड बदल गया है। उनका कहना है कि जब साल 2019 में भारत सरकार ने कश्मीर में आर्टिकल 370 को हटाया था तो मुस्लिम देशों के संगठन ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कॉर्पोरेशन ने कुछ नहीं किया है। भारत अब वर्ल्ड के साथ अपने ताल्लुकात मजबूत कर रहा है ताकि पाकिस्तान को माइनस किया जाए। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इन देशों के सामने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि क्रास बॉर्डर टेररिज्म हो रहा है। जयशंकर ने यह भी कहा है कि वेस्ट एशियन रिजन हमारे बड़े ट्रेडिंग पार्टनर हैं।
पाकिस्तान के आतंकवाद पर हुई बात
पाकिस्तानी एक्सपर्ट ने भारत इन मुल्कों को अपने साथ लाने में इसलिए कामयाब हुआ है कि वो एक मार्केट है। भारत सोचता है हमें इस मार्केट के अंदर घुसना है और यदि अंदर घुस गए तो हम अपनी चीजों को मनवाने में कामयाब हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि अब भारत किस तरह अपनी मार्केट बनाता है अपना प्रभाव किस तरह बढ़ाता है तो वो भी एक जरुरी चीज है। एक ओर देखिए पाकिस्तान को भी आतंकवाद का नाम लेकर हिट कर दिया है। अभी जयशंकर साहब ने पाकिस्तान को इन देशों के सामने आतंकवाद पर घेर लिया है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अरब देशों के सामने अपनी स्पीच में यह साफ शब्दों में कहा था कि आतंकवाद और सीमा पार आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस होनी चाहिए। उन्होंने इसे पूरी दुनिया और खासतौर पर भारत-अरब क्षेत्र के लिए एक साझा खतरा बताया है।
भारत का फोकस अरब देशों पर बढ़ा
एक्सपर्ट ने यह साफ कह दिया है कि मैं गारंटी के साथ एक चीज कह सकता हूं कि भारत ने यूएई के साथ जो ताल्लुकात अच्छे किए हैं वो है असली चीज उन्होंने कहा कि अब इंडिया कह रहा है कि पॉलिटिक्स, इकोनॉमी, टेक्नोलॉजी और डेमोक्रेसी में मेजर ट्रांसफॉर्मेशन हो रहा है। इंडियन मिडिल ईस्टर्न देशों के साथ जो अपने लिंक बना रहा है वो बहुत जरुरी चीज है। उन्होंने कहा कि भारत ने इसमें अपनी पॉजीशन सामने रखी हुई है कि हम हर कीमत पर फोकस रखें। एक तो इन देशों के साथ बिजनेस करें इकोनॉमी अपनी बेहतर करें लोगों को मिडिल ईस्ट भेजें हालांकि भारत का ताल्लुक सिर्फ यूएई और ओमान से है।
