नई दिल्लीः नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में चल रहे हालात को लेकर सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक वर्चुअल (ऑनलाइन) बैठक की। पश्चिम एशिया के हालात पर सभी मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअली मीटिंग की, जो कि करीब सवा दो घंटे चली। इस बैठक का मकसद देश की तैयारी, सुरक्षा और आगे की योजना की समीक्षा करना था। इस मीटिंग में कई बड़े नेता शामिल हुए, जैसे गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। इसके अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी जुड़े, जैसे चंद्रबाबू नायडू, रेवंत रेड्डी, योगी आदित्यनाथ, उमर अब्दुल्ला, भगवंत मान, हेमंत सोरेन, देवेंद्र फड़णवीस आदि।
चुनाव वाले राज्यों के मुख्यमंत्री नहीं हुए शामिल
जिन राज्यों में जल्द चुनाव होने वाले हैं, वहां आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू है। इसी वजह से उन राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हुए। इन राज्यों के अधिकारियों के लिए अलग से बैठक रखी जाएगी।
दुनिया और भारत पर क्या असर पड़ रहा है?
पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में हो रहे संघर्ष का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। लोगों की जिंदगी पर असर पड़ रहा है। भारत को भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
भारत के लिए यह संकट तीन स्तरों पर चुनौती है
- आर्थिक (Economy)
- राष्ट्रीय सुरक्षा
- मानवीय (Humanitarian)
खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा बड़ी चिंता
खाड़ी देशों (Gulf Countries) में लगभग 1 करोड़ भारतीय काम करते हैं और रहते हैं। सरकार के लिए उनकी सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
तेल और गैस की स्थिति क्या है?
सरकार ने बताया कि सभी रिफाइनरी 100% क्षमता से काम कर रही हैं। LPG (गैस) का उत्पादन 40% बढ़ा दिया गया है। इसका मतलब है कि देश में फिलहाल ईंधन की कमी नहीं है।
लॉकडाउन पर सरकार का साफ बयान
सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। किरण रिजिजू समेत कई मंत्रियों ने कहा कि लॉकडाउन की खबरें गलत हैं।
केंद्र सरकार की नई कमेटी
पश्चिम एशिया के हालात पर नजर रखने के लिए सरकार ने एक नई कमेटी बनाई है। इसकी अध्यक्षता राजनाथ सिंह कर रहे हैं। सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है।
