नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी ने अपनी दो दिन की मालदीव यात्रा पूरी कर ली है और वह भारत लौट आए हैं। पीएम का यह दौरा इसलिए खास रहा है क्योंकि उन्हें मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में चीफ गेस्ट के तौर पर आमंत्रित किया गया था। आपको बता दें कि राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जु के सत्ता में आने के बाद किसी भी विदेशी नेता की यह पहली यात्रा रही है जिसमें उन्होंने इतने बड़े इवेंट में हिस्सा लिया है।
It was an honour to attend the 60th Independence Day celebrations of the Maldives. This momentous occasion showcased the rich cultural heritage and vibrant spirit of the Maldivian people. It also signified the country’s journey of transformation over the years gone by. From its… pic.twitter.com/s46PXOewVt
— Narendra Modi (@narendramodi) July 26, 2025
इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने एक अहम ऐलान किया है। अपनी विकास भागीदारी को मजबूत करने के लिए उन्होंने 565 मिलियन डॉलर या 4800 करोड़ रुपये से ज्यादा के क्रेडिट लाइन का ऐलान किया है। आपको बता दें कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत शुरु करने की यह पहल है परंतु इस दौरे से चीन की परेशानी बढ़ गई है। चीनी एक्सपर्ट्स को बहुत ही दिक्कत हो रही है।
As I conclude this productive visit to the Maldives, I extend my heartfelt thanks to President Muizzu, the Government and people of the Maldives for their warmth. I am deeply honoured to have witnessed the 60th Independence Day celebrations. The productive talks with President… pic.twitter.com/IZrDv4cF6f
— Narendra Modi (@narendramodi) July 26, 2025
भारतीय मीडिया कवरेज पर चीन ने जताई आपत्ति
चीनी मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने यह रिपोर्ट किया है कि भारतीय मीडिया ने इस दौरे को चीन की मालदीव में पकड़ कम होने के तौर पर दिखाया है। चीनी मीडिया ने भारतीय मीडिया कवरेज का हवाला देते हुए मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के उन बयानों का भी जिक्र किया है जिसमें उन्होंने भारत को फर्स्ट रिस्पॉन्डर और सबसे भरोसेमंद साझेदार बताया है। भारतीय मीडिया कवरेज पर चीनी एक्सपर्ट्स ने नाराजगी जताई है। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट में Tsinghua University के National Strategy Institute के रिसर्च डायरेक्टर कियान फेंग के हवाले से कहा गया है कि भारतीय मीडिया का नजरिया पुरानी आउटडेटेड मांडइसेट को दर्शाता है जो कि जीरो-सम गेम मानसिकता पर आधारित है।
इसके साथ ही चीनी एक्सपर्ट्स ने मालदीव के हितों की वकालत की है। उन्होंने स्वघोषित तौर पर कहा है कि वह चीन से भी करीबी रिश्ता बनाए रखना चाहते हैं। इसके अलावा चीनी एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि मालदीव चीन के Belt and Road Initiative में भी शामिल है वो दोनों देशों के साथ संतुलित विदेशी नीति अपनाने की कोशिश कर रहा है।
मोहम्मद मुइज्जू के बयानों का किया जिक्र
ग्लोबल टाइम्स ने मोहम्मद मुइज्जू के चीन दौरे और उनके बयानों का भी जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है कि – जनवरी में चीन यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुइज्जू ने कहा था कि मालदीव हमेशा चीन का सबसे करीबी साथी बना रहना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा है कि मालदीव दुनिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने में चीन की भूमिका की सराहना करता है और वैश्विक न्याय और निष्पक्षता के लिए चीन के साथ कोऑर्डिनेशन और कोऑपरेशन को मजबूत करेगा।
