धुंधला के बैरी हटली में 74 वें बन महोत्सव की धूम
ऊना/सुशील पंडित : उपमंडल बंगाणा की ग्राम पंचायत धुंधला के वैरी हटली में बन विभाग मंडल के सौजन्य से बन महोत्सव मनाया गया।कार्यक्रम में कुटलैहड़ विस क्षेत्र के विधायक देवेन्द्र भुट्टो ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। बहीं राज्य रेंडक्रॉस सोसाइटी के प्रदेश संयोजक सुरिन्दर ठाकुर, डीएफओ ऊना सुशील राणा, एसडीएम बंगाणा मनोज कुमार, तहसीलदार बंगाणा रोहित कँवर ,डिप्टी रेंज ऑफिसर बाल किशन शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।वन महोत्सव कार्यक्रम में पहुंचने पर मुख्यतिथि का भव्य स्वागत किया गया। और वैरी हटली में विधायक भुट्टो ने पौधा लगाकर जनता को संदेश दिया। विधायक ने कहा कि पहले पौधा लगाओ फिर लगाए गए पौधे का अपने बच्चों की तरह पालन पोषण करो ताकि आपका लगाया गया पौधा सफल हो और हमें ऑक्सीजन दवाई घास प्रदान कर सके। उन्होंने कहा कि यूँ तो हम बहुत से त्यौहार मनाते हैं लेकिन जब बात आती है पृथ्वी को बचाने की तो ऐसे त्यौहारों की संख्या बहुत कम है। वन महोत्सव एक बहुत ही मह्त्वपूर्ण त्यौहारों में से एक है। यह एक ऐसा त्यौहार है जो जुलाई के महीने में आता है। इस त्यौहार की सबसे अच्छी बात यह है कि लोगों ने वन महोत्सव को काफी गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है।
भुट्टो ने कहा कि इस त्यौहार के कारण ही अब लोग घरों, दफ्तरों, स्कूल, कॉलेजों आदि में बहुत ही बड़ी संख्या में पेड़ लगाने लगे हैं। यही नहीं बल्कि युवा पीड़ी सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी बहुत ही बड़े स्तर कर रही है ताकि अधिक-से-अधिक जागरूकता इस बारे में पैदा की जा सके। इस मौके पर कुटलैहड़ कांग्रेस अध्यक्ष राम आसरा शर्मा, महासचिव प्रवीण पादा, सुदर्शन शर्मा, कुलदीप शर्मा, जिला परिषद सत्या देवी, पिंटू लाला, संजू प्रधान, सुनीता प्रधान, उप प्रधान रमन शर्मा, सुदर्शन शर्मा, केवल कृष्ण, हर्ष शर्मा,नितीश शर्मा, राज कुमार बी डी सी, वरिष्ठ पत्रकार दलजीत सिंह, बेबी व अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
जिला बन अधिकारी ऊना सुशील राणा ने कहा कि यह त्यौहार मनाना कई कारणों से जरुरी है क्योंकि यह सीधे तौर पर मानव के अस्तिव से, हमारी पृथ्वी और पर्यावरण से जुड़ता है। तेजी से बढती आबादी के कारण प्रकृति का संतुलन बिगड चुका है और यह बहुत ही जरुरी हो चुकी है कि विकास और पर्यावरण के बीच बहुत ही सुंदर संतुलन बनाया जा सके, उन्होंने कहा कि निर्माण और अन्य उद्देश्यों को पूरा करने के लिए तेजी से बहुत सा पानी उपयोग किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर कारखानों से बहुत सारा पानी बिना उपचारित किये छोड़ा जा रहा है। पर्यावरण को बचाने के लिये जरुरी है कि सभी लोग सामान रुप से सहयोग करें। पेड़ हमारे पर्यावरण का आधार हैं ।
