अजनाला: रावी नदी में आए उफान वाले पानी के चलते साहुवाला गांव और उसके आस-पास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। गांव निवासी अपना घर छोड़कर रिश्तेदारों या फिर सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए मजबूर हो गए हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि लोगों का उजाड़ पूरी तरह मजबूर हो चुका है।
गांव वासियों का कहना है कि 1988 के बाद आज फिर से वही हालात बन चुके हैं। उस दौरान भी लोगों ने बहुत कुछ खोया था परंतु सरकारों ने कोई भी सबक नहीं सीखा। नदी का बांध भी मजबूत नहीं किया, नालियों की सफाई नहीं की और आज लोगों की कोठियां जिन पर उन्होंने लाखों खर्च किए थे वो पानी में डूब गई है।
गांव के परिवार वालों ने शिकायत भी की है कि जिन घरों में लोग बच्चे समेत रहते थे वो आज सड़क पर बदहवास खड़े हुए हैं। सरकार की ओर से उन्हें कोई बड़ी राहत नहीं दी गई। भरोसे तो सभी की ओर से दी जा रही थी परंतु जमीन पर मदद नहीं मिल रही।
हजारों पशुओं के समूह भी पानी के साथ बहकर पाकिस्तान की ओर मुड़ गए हैं इसके कारण किसानों को बहुत नुकसान उठाना पड़ा है। लोगों के अनुसार यदि समय पर सरकारों ने योजना बद्ध तरीके से कदम उठाए होते तो घर नहीं डूबते और न ही पशु बर्बाद होते। इसके अलावा लोगों को अपना गांव भी नहीं छोड़ना पड़ता।
