खेल: एशिया कप का 10वां मैच आज पाकिस्तान और यूएई के बीच में होने वाला था परंतु इस मैच से पहले ही पाकिस्तान ने यूएई के साथ मैच खेलने से मना कर दिया है। सूत्रों की मानें तो पाकिस्तान एशिया कप टूर्नामेंट से बाहर हो सकता है। अब यूएई को वॉकओवर मिल जाएगा और दो अंक के साथ टीम यूएई सुपर-4 के लिए क्वालिफाई कर जाएगा।
पाकिस्तान ने करवाई थी शिकायत दर्ज
रविवार को भारत-पाकिस्तान के बीच में हुए मुकाबले के बाद टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ हाथ मिलाने से मना कर दिया था। इसके लिए पाकिस्तानी टीम ने मैच रेफरी को जिम्मेदार माना था। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इसको लेकर आईसीसी से शिकायत भी दर्ज करवाई थी। पाकिस्तान की यह मांग थी कि मैच रेफरी को हटा दिया जाए परंतु आईसीसी ने ऐसा करने से मना कर दिया था जिसके बाद यह अटकलें लगाई जा रही थी कि पाकिस्तान यूएई के साथ होने वाला मैच नहीं खेलेगा।
रविवार को भारत के साथ हुए मुकाबले के बाद से पाकिस्तान की टीम ड्रामे कर रही है। पहले पीसीबी ने धमकी दी थी कि यदि रेफरी को नहीं हटाया तो वह यूएई के साथ मैच का बायकॉट कर देंगे परंतु बाद में पाकिस्तानी टीम मैच खेलने के लिए तैयार हो गई। प्रैक्टिस के लिए खिलाड़ी भी आए परंतु पाकिस्तान ने एक दिन पहले होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस ही रद्द कर दी थी।
इस वजह से किया पाकिस्तान ने मैच खेलने से मना
भारत और पाकिस्तान दोनों ही टीमें ग्रूप बी में है। इसमें कुल 4 टीमें हैं। टीम इंडिया ने अपने दोनों मैच जीत लिए हैं और सुपर-4 के लिए क्वालिफाई हो गई है। वहीं ओमान की टीम को अपने दोनों मैचों में हार मिली है जिसके चलते वह रेस से बाहर हो गई है। वहीं सुपर-4 में पहुंचने के लिए पाकिस्तान और यूएई में टक्कर होनी थी। दोनों में से जो भी टीम मैच जीतती वह सुपर-4 के लिए क्वालिफाई कर जाती परंतु अब पाकिस्तान के मैच खेलने से मना करने के कारण यूएई को 2 अंक मिल जाएंगे और यूएई की टीम एशिया कप के सुपर-4 के लिए क्वालिफाई कर जाएगी।
ऐसे शुरु हुआ था विवाद
भारत-पाक मैच में हाथ न मिलाने के बाद पीसीबी ने यह दावा किया था कि मैच रेफरी ने पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा से कहा था कि टॉस के समय हाथ नहीं मिलाए जाएंगे। यह एमसीसी के कानूनों के खिलाफ है। आईसीसी की जनरल मैनेजर वसीम खान को इस बारे में शिकायत दी गई। इस शिकायत में पीसीबी (PCB) ने कहा कि मैच रेफरी की यह कार्रवाई एमसीसी के कानूनों का उल्लंघन है और क्रिकेट की भावनाओं के खिलाफ भी है। पीसीबी ने जोर देकर यह कहा था कि मैच रेफरी को एशिया कप के बाकी मैचों से हटा देना चाहिए परंतु आईसीसी ने ऐसा करने से मना कर दिया था।
