नई दिल्ली: देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान से पाकिस्तान घबरा गया है। उन्होंने अभी हाल ही में बयान दिया था कि कराची का रास्ता सर क्रीक से होकर गुजरता है। अब इस बयान के बाद पाकिस्तान की नौसेना घबरा गई है। उन्होंने जल्दबाजी में कराची बंदरगाह के साथ लगे अरब सागर में मिसाइल फायरिंग ड्रिल को लेकर एक नोटिस भी जारी कर दिया है। पाकिस्तान की नौसेना ने नोटमैर जारी करके 9-10 अक्टूबर को कराची के साथ लगे अरब सागर में मिसाइल और तोप की फायरिंग को लेकर जानकारी शेयर की है। पाकिस्तान की नौसेना का ये नोटमैर राजनाथ के बयान के दो दिन बाद आया है।
दशहरा के अवसर पर राजनाथ सिंह गुजरात के सर क्रीक इलाके में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान को यह चेतावनी दी थी कि यदि इस इलाके में कोई भी मिस एडवेंचर करने की कोशिश की तो पाकिस्तान का इतिहास और भूगोल बदल जाएगा।
पाकिस्तान को मिलेगा करारा जवाब
रक्षा मंत्री ने कहा था कि आजादी के 78 साल बीत गए हैं। इसके बावजूद भी सर क्रीक इलाके में सीमा को लेकर एक विवाद खड़ा कर दिया जाता है। भारत ने कई बार बातचीत के जरिए रास्ता निकालने की कोशिश की है मगर पाकिस्तान की नीयत में ही खोट है उसकी नीयत साफ नहीं है जैसे हाल ही में पाकिस्तान की फौज ने सर क्रीक से सटे हुए इलाकों में अपना मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाया है वह उसकी नीयत बताता है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने लेह से लेकर सर क्रीक के इस इलाके तक भारत के डिफेंस सिस्टम को भेदने की नाकाम कोशिश की। जबकि भारत की सेनाओं ने अपनी जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह एक्सपोज़ कर दिया और दुनिया को यह संदेश दे दिया की भारत की सेनाएं जब…
— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) October 2, 2025
भारत की सीमाओं की रक्षा भारतीय सेनाएं और बीएसएफ मिलकर मुस्तैदी कर रही है। यदि सर क्रीक इलाके में पाकिस्तान की ओर से कोई भी हमला हुआ तो उसको करारा जवाब मिलेगा। ऐसा जवाब मिलेगा कि उसका इतिहास और भूगोल दोनों ही बदल जाएंगे। रक्षा मंत्री ने यह साफ लहजे में कह दिया है कि पाकिस्तान को याद रखना चाहिए कि कराची का एक रास्ता क्रीक से होकर भी गुजरता है।
भारतीय सेना देगी जवाब
राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी पाकिस्तान ने लेह से लेकर सर क्रीक के इस इलाके तक भारत का डिफेंस सिस्टम खराब करने की कोशिश की थी परंतु भारत की सेनाओं ने अपनी जवाबी कार्रवाई की और पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह से एक्सपोज कर डाला। दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत की सेनाएं जब भी चाहें, जहां चाहें और जैसे भी चाहें पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय नौसेना की कराची पोर्ट पर संभावित हमले से डर कर पाकिस्तान ने तुर्की से मदद मांगी थी। तुर्की की नौसेना ने पाकिस्तान की मदद के लिए अपना एक जंगी जहाज कराची बंदरगाह पर तैनात भी कर दिया था।