फरीदकोटः विभिन्न संगठनों ने अमृतसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके फरीदकोट स्थित ‘बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज’ में कथित धांधली का मुद्दा उठाया। संगठनों के नेताओं ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने टेंडर, भर्तियों और मशीनों की खरीद में बड़े पैमाने पर घोटाले किए हैं। ‘ज्वाइंट एक्शन फ्रंट पंजाब’ के नेताओं ने कहा कि यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. राजीव सूद और कुछ अन्य अधिकारियों पर करोड़ों रुपये के घोटालों के गंभीर आरोप हैं। उन्होंने कहा कि टेंडर अपने करीबियों और राज्य के बाहर के लोगों को दिए गए हैं, जबकि भर्तियों में भी नियमों का उल्लंघन किया गया है। उन्होंने दावा किया कि यूनिवर्सिटी में स्कैन मशीनों की खरीद और अन्य परियोजनाओं में करोड़ों रुपये का भारी गबन हुआ है।
संगठनों के नेताओं ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में विजिलेंस, CBI, पंजाब के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पहले ही शिकायतें दे दी हैं और इस मामले में विजिलेंस जांच भी चल रही है। लेकिन उनका आरोप है कि कई महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई है। इस मौके पर उन्होंने ऐलान किया कि विभिन्न संगठनों के सहयोग से 2 अप्रैल, 2026 को फरीदकोट पूरी तरह से बंद रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज करके कार्रवाई नहीं की गई, तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा और विभिन्न शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके लोगों को इस मामले के बारे में जानकारी दी जाएगी। संगठनों ने पंजाब सरकार से मांग की कि यूनिवर्सिटी में हुए कथित घोटाले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
