ऊना/ सुशील पंडित : सूडान में छिड़े गृह युद्ध की परिस्थितियों से एक और युवा सकुशल अपने घर वापस लौटा है। हरोली उपमंडल के बालीवाल गांव के निवासी दयाल सिंह(33) सूडान में सोने की खदान में काम कर रहे थे। गृह युद्ध की परिस्थितियों के बीच फंस जाने के कारण घर वापसी की उम्मीदें खत्म होने लगी। सूडान स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क किया तो केंद्र सरकार के ऑपरेशन कावेरी के तहत एक और युवक को सकुशल घर पहुंचाने का काम किया गया।
चूंकि उपमंडल अम्व का एक युवा रोहित शर्मा शुक्रवार को सुडान से सकुशल घर वापस लौटा था। दयाल सिंह करीब 2 वर्षों से सूडान में काम कर रहे हैं। सूडान में 15 अप्रैल को शुरू हुए गृह युद्ध में बाहरी देशों के नागरिकों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
“ऑपरेशन कावेरी” बना भारतीयों के लिए सूडान में सहारा, हिमाचली बेटे की सकुशल घर वापसी
भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सकुशल वापसी के लिए “ऑपरेशन कावेरी” की शुरुआत की और उनकी वापसी भी सुनिश्चित की। सूडान से लौटे पहले युवक रोहित शर्मा की ही तरह दयाल सिंह भी बमबारी और गोलीबारी से काफी चिंतित थे। यहां तक कि सूडान में उन्हें खाने तक के भी लाले पड़ गए थे। लेकिन भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों को समय रहते संभाला और उनकी हर जरूरत को पूरा करने के साथ-साथ उन्हें वहां से बाहर निकालने में अहम भूमिका अदा की।दयाल सिंह ने बताया कि सूडान में हालात बहुत ही भयानक बने हुए है, जहां आसमान से बमबारी हो रही है तो वहीं जमीन पर गोलियां चल रही है। दयाल ने कहा कि भारत सरकार द्वारा सूडान में फंसे सभी भारतीयों को वतन वापसी के लिए हरसंभव प्रयास किये जा रहे है।
दयाल सिंह की माता इंदरजीत कौर ने केंद्र सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जब तक बेटा सूडान में फंसा था, तब तक पूरा परिवार चिंता ग्रस्त था। उन्होंने उम्मीद की है कि सूडान में फंसे प्रत्येक भारतीय को सरकार ऑपरेशन कावेरी के माध्यम से सकुशल वापस घर पहुंचाएगी।
