Zomato Hike Platform Fees: ईरान से जुड़े तनाव और बढ़ती लागत के बीच अब ऑनलाइन खाना मंगाना थोड़ा महंगा हो गया है। फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato ने अपने यूजर्स के लिए प्रति ऑर्डर प्लेटफॉर्म फीस बढ़ा दी है। कंपनी ने फीस में 2.4 रुपये की बढ़ोतरी की है। पहले यह फीस 12.50 रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 14.90 रुपये कर दिया गया है। इसमें जीएसटी शामिल नहीं है। अगर 2.68 रुपये जीएसटी जोड़ दिया जाए, तो कुल प्लेटफॉर्म फीस अब 17.58 रुपये हो जाती है।
7 महीने में दूसरी बार बढ़ी फीस
जोमैटो ने करीब सात महीने के अंदर दूसरी बार प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाई है। इससे पहले कंपनी ने सितंबर महीने में भी फीस बढ़ाई थी। बार-बार फीस बढ़ने से यूजर्स की जेब पर असर पड़ रहा है।
स्विगी से बराबरी की ओर बढ़ते दाम
जोमैटो की सबसे बड़ी प्रतिद्वंदी कंपनी Swiggy फिलहाल प्रति ऑर्डर लगभग 14.99 रुपये प्लेटफॉर्म फीस ले रही है, जिसमें टैक्स भी शामिल है। आमतौर पर देखा जाता है कि जब एक कंपनी फीस बढ़ाती है, तो दूसरी कंपनी भी जल्द ही अपने दाम बढ़ा देती है।
क्यों बढ़ रही है प्लेटफॉर्म फीस?
फीस बढ़ने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें: पेट्रोल-डीजल महंगा होने से डिलीवरी का खर्च बढ़ जाता है। ऑपरेशनल कॉस्ट में इजाफा: लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी सिस्टम चलाने में ज्यादा खर्च आ रहा है। मुनाफा बढ़ाने की कोशिश: कंपनियां अपनी कमाई (प्रॉफिट) सुधारने के लिए समय-समय पर फीस बढ़ाती रहती हैं।
नई कंपनियों से बढ़ रही टक्कर
इसी बीच अर्बन मोबिलिटी स्टार्टअप Rapido ने बेंगलुरु में अपनी नई फूड डिलीवरी सर्विस “Ownly” शुरू की है। कंपनी का दावा है कि वह डिलीवरी चार्ज के अलावा ग्राहकों या रेस्टोरेंट्स से कोई अतिरिक्त फीस नहीं लेगी। इससे मार्केट में प्रतिस्पर्धा और बढ़ सकती है।
शेयर बाजार में दिखा असर
फीस बढ़ाने की खबर के बाद कंपनी के शेयरों में तेजी देखी गई। जोमैटो की पैरेंट कंपनी के शेयरों में कारोबार के दौरान करीब 3% तक बढ़त आई और यह 232.30 रुपये पर बंद हुआ।
