ऊना/सुशील पंडित : आज अटल बिहारी वाजपेई राजकीय महाविद्यालय बंगाणा द्वारा हिमाचल प्रदेश सरकार के आदेश अनुसार नशा निवारण पर एक दिवसीय कार्यक्रम करवाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एंटी ड्रग कल्ब के नोडल अधिकारी कम एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर प्रोफ़ेसर सिकन्दर ने की। इस अवसर पर एंटी ड्रग कल्ब के नोडल अधिकारी प्रोफ़ेसर सिकन्दर ने छात्रों को नशा न करने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर एंटी ड्रग कल्ब के नोडल अधिकारी प्रोफ़ेसर सिकन्दर ने कहा कि नशा एक बीमारी है, नशे की बीमारी से मुक्ति, नशे के बारे में पैदा हुई गलत धारणाओं व नशा प्रयोग करने वाले व्यक्ति के मुख्य लक्षणों आदि की जानकारी विस्तार से देकर नशा न करने बारे लोगों को जागरूक किया गया।
सरकार व जिला प्रशासन का प्रयास है कि नशा मुक्त भारत अभियान से अधिक से अधिक लोग जुड़े, ताकि नशा मुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा सके। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ सतिंदर कुमार शर्मा ने बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य न केवल जन-साधारण को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागृत करना है बल्कि नशे के खिलाफ जन आंदोलन का रुप देना है ताकि नशे के खिलाफ हर आदमी जुड़ कर अपना योगदान दे सकें। नशे पर पूर्णतया अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं।
दुनिया में कोई भी कार्य असंभव नहीं है, नशा भी छोड़ा जा सकता है, इस के लिए दृढ़ संकल्प लेना जरुरी है। व्यक्ति मनोरंजन के तौर पर नशे की शुरुआत करता है, लेकिन बाद में यह आदत में शुमार हो जाता है जिससे पूरे परिवार की मानसिक स्थिति के साथ-साथ आर्थिक स्थिति भी खराब हो जाती है। सरकार ने नशा मुक्ति के लिए हिमाचल में नशा के विरुद्ध युद्ध का एक अभियान चलाएं, जिसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है। इस अवसर पर महाविद्यालय के उप प्राचार्य डॉ रेखा शर्मा, रेंजर इंचार्ज प्रोफेसर अनु लखनपाल अत्री, एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर प्रोफेसर सिकंदर नेगी, प्रोफेसर शकुंतला देवी राणा प्रोफेसर संजय शर्मा प्रोफेसर कृष्णा कुमार, महाविद्यालय के सुप्रिडेंट राकेश पाठक सुप्रिडेंट संजय शर्मा राहुल शर्मा आदि गणमान्य मौजूद रहे।