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भारतीय सेना दिवस पर सेना के शौर्य को नमन, भुट्टो ने गिनाईं भारत के ऐतिहासिक ऑपरेशनों की कहानियां

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सर्वहितकारी संस्था के 25 वर्ष पूर्ण होने पर दी बधाई,बोले लंबे समय तक समाजसेवा में अग्रणी रहना एक उदाहरण

ऊना/सुशील पंडित: भारतीय सेना दिवस के अवसर पर सुजानपुर में सर्व हितकारी संस्था के द्वारा भारतीय सेना दिवस कार्यक्रम में कुटलैहड़  भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक दविंदर भुट्टो ने शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय सेना के अदम्य साहस, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए सेना के कई ऐतिहासिक और सफल अभियानों का उल्लेख किया। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक संस्था बही सर्व हितकारी संस्था के 25 वर्ष पूर्ण होने पर संस्था को बधाई भी दी गई तथा समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सदस्यों को सम्मानित किया गया।

भुट्टो ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय सेना केवल देश की सीमाओं की रक्षा ही नहीं करती, बल्कि आपदा के समय भी सबसे पहले जनता की सहायता के लिए आगे आती है। उन्होंने कहा कि चाहे 1947, 1962, 1965, 1971 का युद्ध हो या फिर कारगिल विजय या फिर ऑपरेशन सिंदूर हर बार भारतीय सेना ने अपने पराक्रम से विश्व को यह संदेश दिया है कि भारत की संप्रभुता और अखंडता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन कार्रवाइयों ने दुश्मनों को स्पष्ट संदेश दिया कि भारत अब हर चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।

पूर्व विधायक ने कहा कि आज का दिन हमें अपने वीर जवानों और शहीदों को याद करने का अवसर देता है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सेना के शौर्य से प्रेरणा लेकर देश सेवा के लिए आगे आएं और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का अनुशासन, एकता और कर्तव्यनिष्ठा हर नागरिक के लिए प्रेरणास्रोत है,कार्यक्रम के दौरान दविंदर कुमार भुट्टो ने बही सर्व हितकारी संस्था को 25 वर्ष पूरे होने पर विशेष बधाई दी। उन्होंने कहा कि किसी भी सामाजिक संस्था का लगातार 25 वर्षों तक समाजसेवा में अग्रणी बने रहना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।

यह कार्यक्रम न केवल भारतीय सेना के शौर्य को नमन करने का अवसर बना, बल्कि समाजसेवा में लगे संगठनों और व्यक्तियों को प्रोत्साहित करने का भी सशक्त मंच साबित हुआ।

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