नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं। भाजपा के बहुमत न हासिल कर पाने के बाद भी केंद्र में एक बार फिर एनडीए की सरकार बन गई है। लेकिन भाजपा का संकट यहीं खत्म नहीं हुआ है। दरअसल, अभी लोकसभा स्पीकर चुना जाना है। यह पद बेहद अहम होता है और भाजपा स्पीकर के पद पर अपने ही किसी नेता को देखना चाहेगी। लेकिन, चर्चा हो रही है कि इसे लेकर तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के मुखिया चंद्रबाबू नायडू और भाजपा के बीच खटपट बढ़ गई है।
सीटों के लिहाज से टीडीपी एनडीए में भाजपा के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है। वहीं, तीसरे नंबर पर नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (जदयू) है। लेकिन, दोनों को ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में कुछ खास नहीं मिला है। ऐसे में दोनों की निगाह लोकसभा स्पीकर के पद पर है। उधर, विपक्षी इंडिया गठबंधन भी इस मामले में खूब रुचि ले रहा है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के नेता बार-बार नीतीश और नायडू को सुझाव दे रहे हैं।
बता दें कि बीजेपी के बाद जिन दलों ने सबसे ज्यादा सीटों पर दर्ज की है उसमें चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी पार्टी है। उसके हिस्से 16 सीटें आई हैं। 2019 में बस 3 सीटों पर ही जीत मिली थी। उसके बाद नीतीश कुमार की जेडीयू का नंबर आता है। जेडी(यू) को 12 सीट ही मिली। 2019 में 16 सीट पर जेडीयू ने जीत दर्ज की थी।
