किन्नौरः हिमाचल प्रदेश के कई भागों में ऑरेंज अलर्ट के बीच लगातार जारी बारिश से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। भारी बारिश से राज्य में नदी-नाले उफान पर हैं और कई जगह भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। वहीं किन्नौर जिले में लगातार हो रही बारिश ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। रिब्बा नाले में अचानक आई भयंकर बाढ़ ने लोगों के बाग-बगिचों को अपनी चपेट में ले लिया है। नाले का पानी और भारी मात्रा में मलबा रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है। स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि क्षेत्र में अभी भी लगातार बारिश जारी है। रिब्बा नाले में आई भयंकर बाढ़ के कारण पुल पर अपनी जान बचाने के लिए भागते हुए लोग दिखाई दे रहे है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।
उधर, नेशनल हाईवे नंबर 005 बंद हो गया है। वहीं खराब मौसम के चलते किन्नर कैलाश यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। वहीं दूसरी ओर सराज में एक बार फिर भारी बारिश ने तबाही मचाई है। लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। बूंगरैलचौक, संगलबाड़ा, ढीम कटारू, लंबाथाच, चिऊणी, थुनाग, पखरैर, मुरहाग, शिकावरी, लेहथाच, कांढ़ा-बगस्याड, शरण, बहलीधार, शिल्हीबागी, बागाचनोगी, भाटकीधार, कलहणी, खबलेच, जैंशला, बस्सी, कुकलाह और बाखली पंचायतें सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। बूंगरैलचौक और थुनाग बाजार में असुरक्षित घरों में मलबा घुस गया, जिससे हजारों लोगों को खतरा पैदा हो गया है। लगातार बारिश ने सराज की सभी सड़कों को बंद कर दिया है।
पीडब्ल्यूडी की महीने भर की मेहनत पर पानी फिर गया, क्योंकि बाखलीखड्ड में बने अस्थायी कलवर्ट बह गए। पर्यटन नगरी जंजैहली शेष विश्व से पूरी तरह कट गई है। बिजली आपूर्ति ठप होने से पूरा सराज अंधेरे में डूबा हुआ है। उधर, गोहर उपमंडल की ज्यूणी घाटी के देवीदहड़, जहल, जाच्छ, करनाला, तुन्ना और शाला में भारी बारिश के कारण ज्यूणी खड्ड का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। लोग डर के चलते घरों से बाहर निकल आए हैं। गोहर, स्यांज, नांडी और पंडोह के निवासियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर ज्यूणी खड्ड के किनारे रहने वाले लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।