चंडीगढ़: पंजाब में महिलाओं का आत्मविश्वास और हौसला नई ऊंचाइयों तक पहुंचने वाला है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में राज्य सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है कि सरकारी नौकरियों में 33% पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। यह आरक्षण ग्रुप A, B, C और D सभी कैटेगरी की नौकरियों पर लागू होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल रोजगार के नए अवसर खोलेगा, बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक ढांचे को भी और मजबूत बनाएगा।
सोशल सिक्योरिटी, वीमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि इस फैसले से महिलाओं की प्रशासनिक और निर्णय लेने वाली भूमिकाओं में भागीदारी बढ़ेगी। सरकार की इस नीति से लैंगिक असमानता कम होगी और महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। आंकड़े बताते हैं कि पंजाब में महिलाओं की कार्यबल भागीदारी वर्ष 2022-23 में 25.2% रही, जबकि राष्ट्रीय औसत लगभग 36% है, जो दर्शाता है कि सुधार की गुंजाइश अभी भी है।
मान सरकार का यह कदम सिर्फ़ नौकरी देने तक सीमित नहीं है। यह सामाजिक बराबरी और लैंगिक न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। आने वाले समय में इसका असर पंजाब के समाज और प्रशासन दोनों में साफ दिखाई देगा और यही कदम ‘रंगला पंजाब’ के सपने को हकीकत बनाने में मदद करेगा।