जानकारी के अनुसार, मोतिया प्लाजा नगर परिषद बददी से मात्र लगभग 50 मीटर की दूरी पर स्थित है, बावजूद इसके इसे नगर निगम की सीमाओं से बाहर रखा गया था और यह संडोली पंचायत का हिस्सा था। इसी मुद्दे को लेकर मोतिया प्लाजा के प्रतिनिधियों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ता दीपेंद्र कुमार सिंगला ने इस मामले में पैरवी करते हुए क्षेत्र को नगर निगम में शामिल करने की मांग की थी। अंतत: अब अदालत की संलिप्तता के बाद शहर विकास विभाग को मोतिया प्लाजा को नगर निगम बद्दी में शामिल करने के निर्देश जारी करने पड़ गए हैं। इससे क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है। फैसले के बाद अब मोतिया प्लाजा के करीब 285 संपत्ति खसरा नंबर नगर निगम के दायरे में आ गए हैं, जिससे क्षेत्र के विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
उल्लेखनीय है कि बद्दी में नगर निगम के गठन को लेकर शुरू से ही कई तरह के सवाल उठते रहे हैं। नगर परिषद के नौ वार्डों को बढ़ाकर 15 वार्डों का नया ढांचा तैयार किया गया है। इसके साथ ही पांच नई पंचायतों संडोली, मलपुर, भटोलीकलां, बरोटीवाला और सूरजपुर को भी नगर निगम में शामिल किया गया है, जिसका स्थानीय स्तर पर विरोध भी सामने आया है। इन पंचायतों के प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना उनकी सहमति के उन्हें नगर निगम में शामिल किया गया है, जिससे उनकी पारंपरिक व्यवस्था और अधिकारों पर असर पड़ सकता है। वहीं प्रशासन का तर्क है कि क्षेत्र के समग्र विकास और शहरी सुविधाओं के विस्तार के लिए यह निर्णय आवश्यक है। सीमांकन को लेकर विवाद उस समय और बढ़ गया जब प्रशासन द्वारा किए गए नए सीमांकन के खिलाफ 13 मार्च को विभिन्न पक्षों ने हाई कोर्ट में याचिकाएं दायर कीं। इनमें मोतिया प्लाजा के अलावा अन्य क्षेत्रों के प्रतिनिधि भी शामिल थे, जिन्होंने सीमांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे।
अब मिलेगी विकास को नई दिशा- सोसाईटी अध्यक्ष
शहरी विकास विभाग की तरफ से जारी अधिसूचना के बाद अब जहां मोतिया प्लाजा के लोगों को राहत दी है, वहीं नगर निगम बद्दी के गठन और सीमांकन को लेकर जारी बहस को भी नई दिशा दी है। आने वाले समय में अन्य विवादित क्षेत्रों को लेकर भी कानूनी प्रक्रिया तेज होने की संभावना जताई जा रही है। आशा है कि अब नगर निगम बद्दी में शामिल होने के बाद क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं जैसे सडक़, सीवरेज, पानी और सफाई व्यवस्था में सुधार होगा। यहां पर लंबे समय से रजिस्ट्रियां रुकी हुई थी अब वो हाने से खरीददारों को राहत मिलेगी। -: डा. रणेश राणा, प्रधान, मोतिया प्लाजा वैल्फेयर सोसाईटी बद्दी
मोतिया प्लाजा कमर्शियल कांपलेक्स की तरफ से याचिका कर्ता दीपेंद्र कुमार सिंगला ने कहा कि वह लंबे समय से शहरी विकास विभाग व जिला प्रशासन से इस बारे में पत्राचार कर रहे थे, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्हें हाई कोर्ट में याचिका डालने को मजबूर होना पड़ा। विगत 13 मार्च को उन्होंने याचिका हाई कोर्ट में लगाई थी। जिसके बाद अब शहरी विकास विभाग की तरफ से मोतिया प्लाजा को निगम में शामिल करने की अधिसूचना जारी कर दी गई है- दीपेंद्र सिंगला, अधिवक्ता-पैरोकार मोतिया प्लाजा कांपलेक्स
