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नगर निगम बनने की वजह से नहीं, शहरी निकायों में सम्पत्ति कर का प्रावधान पहले से मौजूद: महेंद्र पाल गुर्जर

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ऊना/सुशील पंडित: नगर निगम आयुक्त एवं एडीसी ऊना महेंद्र पाल गुर्जर ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर निगम ऊना का गठन होने के उपरांत गृहकर को लेकर कुछ भ्रांतियां देखने को मिल रही हैं जोकि पूर्णतः तथ्यहीन है।  शहरी निकायों में गृहकर का प्रावधान सरकार के नियमों में पहले से मौजूद है, न कि नगर निगम बनने पर सम्पत्ति/गृहकर कर लगाया गया है। एडीसी ने बताया कि तत्कालीन नगर परिषद की 27 अप्रैल, 2023 को सभी वार्ड सदस्यों की उपस्थिति में आयोजित हुई बैठक में आर्यभट जियो इन्फोर्मेटिक्स एण्ड स्पेस एपलिकेशन सेंटर (एजिसाक) एजेंसी द्वारा सर्वें करवाने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके अलावा सम्पति कर की दरों का प्रारूप 3 फरवरी 2023 को हिमाचल प्रदेश सरकार के राजपत्र में भी प्रकाशित हुआ है।

ऊना शहरी क्षेत्र में संपत्ति कर के लिए सर्वेक्षण हेतु 30 जुलाई, 2022  आर्यभट जियो इन्फोर्मेटिक्स एण्ड स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (एजिसाक) एजेंसी को सर्वेक्षण के लिए नियुक्त किया गया और एजेंसी ने फरवरी, 2024 को  सर्वेक्षण कार्य पूर्ण किया। उन्होंने बताया कि यह सम्पति कर केवल पूर्व में नगर परिषद ऊना में शामिल क्षेत्रों पर ही लागू है। शहरी स्थानीय निकायों में वार्षिक सम्पति कर को प्रति वर्ग मीटर क्षेत्र की दर से निर्धारित किया गया है और यह शहरी क्षेत्र में स्थित सभी सरकारी और गैर सरकारी भवनों पर लागू होता है। उन्होंने बताया कि वार्षिक सम्पत्ति कर को बिल जारी होने के बाद 15 दिनों के भीतर भुगतान करने पर 10 प्रतिशत की छूट का भी प्रावधान है। यदि किसी व्यक्ति को गृहकर से संबंधित कोई आपत्ति है तो नगर निगम कार्यालय ऊना से सम्पर्क किया जा सकता है।

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