नई दिल्ली: एक ओर मिडिल ईस्ट में 15 दिनों से जंग जारी है वहीं दूसरी ओर नॉर्थ कोरिया भी किसी युद्ध की तैयारी में नजर आ रहा है। नॉर्थ कोरिया ने शनिवार को अपने पूर्वी तट से समुद्र की ओर एक मिसाइल दागी है। साउथ कोरियाई सेना और जापान सरकार ने इस संदिग्ध मिसाइल परीक्षण की पुष्टि की है। इससे पहले भी उत्तर कोरिया ने 27 जनवरी को पूर्वी सागर की ओर कई छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थी। न्यूज एजेंसी के अनुसार, साउथ कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने बताया कि नॉर्थ कोरिया ने पूर्व की दिशा में एक अज्ञात वस्तु दागी है। सैन्य अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने इस लॉन्च का पता लगा लिया है।
बैलिस्टिक मिसाइल होने की संभावना
जापान सरकार ने भी इस घटना पर कड़ी नजर रखी हुई है। जापान की ओर से कहा गया है कि नॉर्थ कोरिया की ओर से दागी गई चीज बैलिस्टिक मिसाइल हो सकती है। जापान के कोस्ट गार्ड ने बताया कि नॉर्थ कोरिया की ओर से दागी गई ये संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल पहले ही समुद्र में गिर चुकी है।
नॉर्थ कोरिया का ये ताजा परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब साउथ कोरिया और अमेरिका अपना वार्षिक वसंत सैन्य अभ्यास फ्रीडम शील्ड कर रहे हैं। नॉर्थ कोरिया अक्सर इन सैन्य अभ्यासों का विरोध करता है और इन्हें युद्ध की तैयारी मानता है। ऐसे में मिसाइल लॉन्च अमेरिका और साउथ कोरिया के युद्धाभ्यास के जवाब में अपनी सैन्य ताकत दिखाने की एक कोशिश हो सकती है।
दो हफ्ते में हुआ भारी नुकसान
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच में शुरु हुई जंग को दो हफ्ते हो गए हैं। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया था। हमले में ईरान की तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद पूरे मिडिल ईस्ट में नई जंग शुरु हो गई है। बदले की आग में ईरान ने सऊदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन, यूएई और इराक समेत कई देशों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला हुआ है। इजरायल भी ईरान के साथ-साथ लेबनान पर बमबारी कर रहा है।
कब थमेगी जंग?
अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग को दो हफ्ते हो गए हैं। जंग थमने के फिलहाल कोई आसार नहीं नजर आ रहे हैं। अमेरिका-इजरायल दावा कर रहे हैं कि उन्होंने ईरान को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। उसकी ज्यादातर सैन्य शक्ति को खत्म कर दिया है वहीं ईरान अब भी मजबूती से लड़ रहा है। इसी बीच अब अमेरिका ने 2500 मरीन सैनिक और एक जंगी जहाज को मिडिल ईस्ट भेजा है। इसके बाद आशंका बढ़ गई है कि ये जंग अभी और खतरनाक हो सकती है।