चंडीगढ़ : पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने खालिस्तानी आतंकी अर्श डल्ला के ठिकानों पर छापेमारी की है। तीनों राज्यों के 9 जिलों में ये छापेमारी की गई। कनाडा में अर्श डल्ला की गिरफ्तारी के बाद यह पहली बार एनआई ने उसके के खिलाफ इतने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। अर्श डल्ला के करीबी सहयोगी की रडार पर हैं, ताकि डल्ला के पूरे नेटवर्क को तोड़ा जा सके।
एनआईए की जांच के मुताबिक डल्ला के तीन सहयोगी भारत में बड़ा आतंकी-गैंगस्टर सिंडिकेट चला रहे थे। अर्शदीप खालिस्तान टाइगर फोर्स का आतंकी है। एनआईए का दावा है कि अर्शदीप के साथी हैरी मोड और हैरी राजपुरा स्लीपर सेल के रूप में काम करते थे और उन्हें राजीव कुमार नाम के व्यक्ति ने शरण दी थी। तीनों ने डल्ला के निर्देश पर और उससे मिले पैसों से कई आतंकी हमले करने की योजना बनाई थी। हैरी मोड और हैरी राजपुरा गिरोह के शूटर थे और उन्हें लक्षित हत्याएं करने का आदेश था।
एनआईए से जुड़े सूत्रों के मुताबिक जिन लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की गई है। सभी लोग डल्ला से बात करते थे। लंबी जांच के बाद यह छापेमारी शुरू की गई।र्श डल्ला ने राजीव कुमार उर्फ शीला को हैरी मोड और हैरी राजपुरा को पनाह देने के लिए पैसे दिए थे। एनआईए की जांच में यह भी पता चला कि राजीव कुमार, अर्श दल्ला के निर्देश पर दो अन्य लोगों के लिए रसद सहायता और हथियारों की व्यवस्था भी कर रहे थे।