नई दिल्ली: देशभर में हाईवे पर सफर करने वालों के लिए एक बहुत ही जरुरी खबर है। अब हाइवे टोल टैक्स को लेकर बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। 10 अप्रैल 2026 से सभी टोल प्लाजा पर कैश कलेक्शन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। सरकार के नए गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, अब टोल चुकाने के लिए केवल डिजिटल तरीका ही अपनाना होगा। अब सिर्फ फास्टैग या यूपीआई से ही टोल पेमेंट होगा। इस नए नियम के लागू होने के बाद टोल प्लाजाओं पर लगने वाली लंबी लाइनों से राहत मिलने की उम्मीद है। अगर किसी वाहन में फास्टैग नहीं है। ऐसे में यूपीआई से पेमेंट करने का ऑप्शन मिलेगा लेकिन इसके लिए सामान्य टोल से 1.25 गुना ज्यादा पैसे देने होंगे।
रोका जाएगा वाहन
यदि कोई व्यक्ति डिजिटल पेमेंट करने से मना करता है तो नेशनल हाईवे नियम 2008 के अंतर्गत उसे उस सड़क पर जाने से रोका भी जा सकता है। इसके अलावा ही एक-ई नोटिस भी जारी होगा जिसके जारी होने के तीन दिन के अंदर नहीं भरा गया है तो जुर्माना दोगुना हो जाएगा। अब तक कई लोग सरकारी पहचान पत्र दिखाकर टोल से बच निकलते थे जिससे आम लोगों को काफी परेशानी होती थी।
नहीं चलेगा ID का ट्रिक
साफ कर दिया गया है कि छूट किसी व्यक्ति को नहीं बल्कि पद या संस्था को मिलती है। निजी गाड़ी में निजी काम से जाते समय आईडी दिखाकर टोल बचाना अब पूरी तरह बंद होगा। अब सरकार ने इस पर भी सख्ती कर दी है। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि जो वाहन वाकई छूट के पात्र है। उनके लिए Exempted Fastag बनवाया जाे या फिर फास्टैग एनुअल पास लिया जाए। जो लोग अक्सर हाईवे पर सफर करते हैं। उनके लिए फास्टैग एनुअल पास एक अच्छा ऑप्शन है। 1 अप्रैल 2026 से इसकी कीमत 3,075 रुपये कर दी गई है। इस पास के जरिए पूरे साल अनलिमिटेड टोल क्रॉसिंग की जा सकती है लेकिन यह एनुअल पास केवल प्राइवेट, जीप, कार या वैन, कैटेगरी पर ही लागू होगा।