दौसाः शहर को ऊंनबड़ा गांव से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जिसने पुलिस प्रशासन को हिला कर रख दिया है। दरअसल, साल 2020 को 4 साल का बच्चा लापता हो गया था। परिवार वालों ने उसे ढूंढा, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। परिवार ने 17 अगस्त 2020 को बांदीकुई पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। तब पुलिस को इस बारे में कुछ पता नहीं चल पाया था, लेकिन अब बच्चे के पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने सभी को हैरान कर दिया है।
युवक ने बताया कि उसने ही 6 साल पहले बच्चे की हत्या कर शव दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे गाड़ दिया था। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस ने पड़ोसी युवक को डिटेन कर पूछताछ की। उसने बच्चे की हत्या कर शव गाड़ने की बात कबूल ली। युवक बच्चे के घर से करीब 200 मीटर दूर रहता है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने गुरुवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे करीब 300 मीटर में जेसीबी से खुदाई करवाई। लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बांदीकुई डीएसपी रोहिताश्व देवंदा ने बताया कि मामले को लेकर हर एंगल से जांच कर रहे हैं। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे खुदाई की गई है। फिलहाल कुछ नहीं मिला। मामले में जल्द खुलासा होने की उम्मीद है।
जानकारी मुताबिक, बैरवा ढाणी से 16 अगस्त 2020 को 4 साल का बच्चा लापता हो गया था। परिवार वालों ने उसे ढूंढने की काफी कोशिश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। परिवार ने 17 अगस्त 2020 को बांदीकुई पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इस मामले में करीब 7 जांच अधिकारी इन्वेस्टिगेशन कर चुके, लेकिन सफलता नहीं मिली। मामले में करीब 2 साल पहले हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। हाईकोर्ट ने करीब 1 महीने पहले पुलिस से सख्ती की। इसके बाद इसकी जांच दौसा महिला सेल के एएसपी योगेंद्र फौजदार को दी गई।
योगेंद्र फौजदार ने करीब एक महीने में बच्चे के घर पर 3 बार जाकर मामले की जांच की। आसपास के क्षेत्र में जांच की। इसके बाद पड़ोसी युवक के ऊपर शक गहरा गया। 17 फरवरी को पड़ोसी युवक को डिटेन कर पूछताछ की गई तो उसने हत्या की बात कबूल ली। आरोपी की निशानदेही पर योगेंद्र फौजदार, बांदीकुई डीएसपी रोहिताश्व देवंदा और साइबर थाने के डीएसपी बृजेश कुमार गुरुवार दोपहर ऊंनबड़ा गांव के पास एक्सप्रेसवे किनारे पहुंचे। खुदाई शुरू करवाई।
युवक जैसे-जैसे पुलिस को बताता रहा, पुलिस उसी के आधार पर खुदाई करवाती रही। खुदाई के दौरान कई कपड़े मिले। पुलिस ने उन्हें युवक को दिखाया, लेकिन पुष्टि नहीं हो सकी। पूछताछ दौरान युवक पुलिस को एक्सप्रेसवे के किनारे पांच जगह बता चुका है। जहां पुलिस ने जेसीबी से खुदाई करवाई, लेकिन कंकाल नहीं मिला। युवक ने पुलिस को बताया कि वहां एक पीपल के पेड़ के पास आया था। ऐसे में पुलिस बार-बार युवक को अपने साथ लेकर पीपल का पेड़ भी ढूंढ रही है। युवक के बार-बार अलग-अलग जगह बताने से पुलिस असमंजस की स्थिति में है। पुलिस बच्चे को गाड़ने की बात मान रही है। साथ ही दूसरे एंगल से भी जांच कर रही है।
पुलिस प्रारंभिक तौर पर रंजिश के कारण घटना होना मान रही है। युवक ने पुलिस को बताया कि 16 अगस्त 2020 को वह सुबह करीब 11 बजे घर के आंगन से खेलते बच्चे को उठाकर अपने घर के पास ले गया। वहां उसने चाकू से उसकी हत्या कर दी। फिर शव को कट्टे में बंद कर घर के पीछे छुपा दिया। किसी को शक नहीं हो, इसलिए अगले दिन रात 11 बजे 500 मीटर दूर निर्माणाधीन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ले जाकर मिट्टी में गाड़ दिया था। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है।