नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच में ट्रेड डील फाइनल हो चुकी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी से टैरिफ कम करके 18 फीसदी कर दिया है। अमेरिका और भारत व्यापार समझौता के बाद में पीएम मोदी का मंगलवार को संसद परिसर में एनडीए संसदीय दल की बैठक में पहुंचे जहां पर उन्होंने इस डील के प्रभावों पर भी बात की। इसके साथ ही एनडीए सांसदों को नया टास्क भी दिया।
संसद की कार्यवाही के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने एनडीए सासंदों से विधायी बहसों में एक्टिव रुप से भाग लेने और सरकार की उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाने का आग्रह किया है। पीएम मोदी ने संसदीय भागीदारी के महत्व पर जोर देते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने एनडीए के सभी सांसदों को सदन में पूरी उपस्थिति बनाए रखने और जरुरी मुद्दों पर चर्चा में योगदान देने का निर्देश दिया।
एनडीए सांसदों से पीएम ने जाहिर की खुशी
पीएम मोदी ने कहा कि मैंने कहा था कि World Order Change हो रहा है। कोरोना के बाद से वो दिख रहा है और आज world Order भारत के पक्ष में Twist हो रहा है। पीएम ने कहा कि एक बड़ी ट्रेड डील हुई है ये हमारी कूटनीति की एक बड़ी जीत है और यह दिखाता है कि धैर्य का फल हमेशा मिलता है। पीएम ने मीटिंग में कहा कि हल जिले की
मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स का सम्मेलन कराना चाहिए।
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अमेरिकी ट्रेड डील से अच्छा वातावरण बना है
पीएम ने एनडीए सासंदों से कहा है कि अमेरिकी ट्रेड डील से अच्छा वातावरण बना हुआ है। कुछ लोग आलोचना कर रहे थे लेकिन हमने हिम्मत नहीं हारी और धैर्य बनाए रखा। उसका परिणाम निकला कि अमेरिका ने 50 फीसदी से टैरिफ कम करके 18 फीसदी कर दिया है। मैंने कहा था कि विश्व व्यवस्था बदल रही है। अमेरिका के साथ ट्रेड डील को पीएम मोदी ने मील का पत्थर बताया है जिसने द्विपक्षीय संबंधों के लिए बेहतर माहौल बनाया है। इससे अब देश में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर बढ़ेगा और क्वालिटी प्रोडक्ट बनाए जाएंगे।
बता दें कि पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्ंप के बीच में सोमवार को हुई फोन पर बातचीत के बाद भारत-यूएस ट्रेड डील फाइनल हुई है। अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लगने वाले पारस्परिक शुल्क को मौजूदा 25 प्रतिशत से कम करके 18% करने पर सहमति जताई है। जो तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगा। भारत पर तमाम पड़ोसी देश से कम टैरिफ लगाया गया है। इससे अमेरिका और भारत दोनों का विकास की रफ्तार मिलेगा और आर्थिक तरक्की की भी उम्मीद मानी जा रही है।
