नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के बदहाल गांव में दहशत और भय का माहौल है। गांव में अब तक तीन परिवारों के 11 बच्चों समेत 14 लोगों की रहस्यमयी तरीके से मौत हो चुकी है। ये मौतें बीते 30 दिनों के भीतकर हुई हैं इसके बाद भी सरकार मौतों के कारणों का पता लगाने में असफल है। गांव में भोजन, पानी और रक्त के नमूनों की गहन जांच के बाद भी सरकार को कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस घटना से बधाल गांव और आस पास के लोगों में दहशत फैल गई है।
अधिकारियों के मुताबिक सरकार ने संभावित स्वास्थ्य जोखिमों की पहचान करने, नमूने एकत्र करने और उनका समाधान निकालने के लिए क्षेत्र में स्वास्थ्य दलों को तैनात किया है। जानकारी के मुताबिक सफीना कौसर की जम्मू के एक अस्पताल में मौत हुई। फिर दो दिनों में ही उसके तीन अन्य भाई-बहनों की भी मौत हो गई। दो लोग अब भी मौत से जंग लड़ रहे हैं। सरकार की ओर से मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य दलों को तैनात किया है।
दरअसल, राजौरी के कोटरंका उप-विभाग के बधाल गांव में बीते 30 दिनों में तीन परिवारों में 11 बच्चों और तीन वयस्कों की मौत हो चुकी है। बीते महीने गांव में दो परिवारों के नौ लोगों की मौत हो गई थी। शुरू में लगा कि ये मौतें फूड प्वाइजनिंग से हुई है। हालांकि, जब अधिकतर ग्रामीणों ने एक जैसे लक्षण होने की शिकायत की तब स्थिति को गंभीर माना गया। इसके बाद सरकार ने मामले में हस्तक्षेप किया और देश के अनेक हेल्थ इंस्टीट्यूट से एक्सपर्ट्स को बुलाया गया।
