ऊना/सुशील पंडित: वशिष्ट पब्लिक स्कूल में आपदा प्रबंधन पर डॉ० मेजर विकास सकलानी , कमांडेंट होमगार्ड विभाग ऊना के मार्गदर्शन में मॉक ड्रिल करवाई गई। यह अभ्यास छात्रों की तत्परता बढ़ाने और अप्रत्याशित आपातकाल के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आयोजित की गई ।उन्होंने बताया कि भूकंप, सड़क दुर्घटना, आग आपदा होने पर आपको किस तरह से सावधानियांँ बरतनी चाहिए। जिसमें स्कूल के कक्षा छठी से 12वीं तक के लगभग 850 विद्यार्थियों ने भाग लिया। उन्होंने विद्यार्थियों को आपातकालीन नंबरों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करने पर आपको किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई में शामिल नहीं किया जाएगा ।

घायल व्यक्ति को उठाकर एम्बुलेंस तक पहुंँचाने के लिए आप किस तरह से अपने हाथों का प्रयोग करके, रस्सी का प्रयोग करके स्ट्रैचर बना सकते हैं। इसके बारे में बच्चों को सिखाया गया और व्यावहारिक रूप से उनसे यह गतिविधि करवाई गईं । उन्होंने बताया कि हमें घायल व्यक्ति को सांत्वना देनी चाहिए। यदि स्थिति गंभीर हो तो तुरंत एंबुलेंस बुलाकर नजदीकी अस्पताल में ले जाना चाहिए। भूकंप की स्थिति में किसी मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे छिप जाए और अपने सिर को हाथों से ढक लें। भूकंप के झटके कम होने के बाद खुले मैदान में जाएंँ और अगर आप घर से बाहर है तो खुली जगह तलाशें । जिला अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने छात्रों को विभिन्न प्रकार के अग्नि -शामक यंत्रों के प्रकार व उपयोग के बारे में बताया।आपातकालीन स्थिति में किए जाने वाले प्राथमिक कार्य और आग बुझाने वाले यंत्रों का उपयोग करने के तरीके सिखाए। अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि आग लगने के प्रमुख कारणों में शॉर्ट सर्किट, गैस लीक और लापरवाही से जलती हुई वस्तुओं का उपयोग शामिल है ।आग लगने की स्थिति में घबराने की बजाय धैर्य और समझदारी से काम लेना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि ‘फायर एक्सटिंग्विशर ए ‘ठोस पदार्थो में लगी आग जैसे कागज लकड़ी ,कपड़ा, रबड़ आदि के लिए वाटर एक्सटिंग्विशर और फॉर्म एक्सटिंग्विशर का उपयोग किया जाता है। यह ठोस पदार्थ में मौजूद गर्मी को कम करके आग को बुझाता है। ‘फायर एक्सटिंग्विशर ब’यह तरल पदार्थो में लगी आग जैसे पेट्रोल, डीजल, ग्रीस, पेंट आदि को फॉर्म एक्सटिंग्विशर,कार्बन एक्सटिंग्विशर और ड्राई केमिकल एक्सटिंग्विशर से बुझाया जाता है ।यह ऑक्सीजन की आपूर्ति को रोककर आग को बुझाता है। ‘फायर एक्सटिंग्विशर एफ ‘ये खाना पकाने के तेल और बसा से लगी हुई आग को बुझाने के लिए केमिकल एक्सटिंग्विशर का उपयोग किया जाता है ।यह तेल और वसा के साथ प्रतिक्रिया करके एक सुरक्षात्मक परत बनाता है जिससे आग बुझ जाती है। उन्होंने बताया कि हर आग बुझाने वाले यंत्र को उसके निर्दिष्ट उपयोग के अनुसार ही इस्तेमाल करना चाहिए ।गलत यंत्र का उपयोग आग को बढ़ा सकता है । उन्होंने व्यावहारिक रूप से विद्यार्थियों से इन फायर एक्सटिंग्विशर का प्रयोग भी करवाया। प्रधानाचार्य दीपक कौशल ने डॉक्टर मेजर विकास सकलानी , कमांडेंट होमगार्ड विभाग ऊना का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल से विद्यार्थी आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं को समझते हैं और आपातकालीन स्थितियों में प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने के लिए सशक्त बनते हैं ।