जैसलमेरः शहर के एक गांव में दर्दनाक मामला सामने आया है जहां, एक विवाहिता ने खुद को कमरे में बंद कर आग लगा ली। जब चीखें सुन पड़ोसी मौके पर पहुंते और दरवाजा तोड़ा तो बाहर आते ही महिला सड़क की तरफ दौड़ी और ट्रक के आगे कूदकर सुसाइड करने का प्रयास किया। लोगों ने महिला को दौड़कर पकड़ लिया, जिससे उसकी जान बच गई। गंभीर हालत में उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी मुताबिक, महिला ने घर के मंदिर में रखे दीपक से अपने कपड़ों में आग लगाई थी। आग तेजी से फैल गई और कमरे में रखा बिस्तर, कपड़े व अन्य सामान जलकर नष्ट हो गया। पड़ोसियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक परिवार को भारी नुकसान हो चुका था।
एसएचओ बाबूराम डेलू ने बताया कि 35 साल की विवाहिता लंबे समय से डिप्रेशन में थी और उसका इलाज चल रहा था। घर के बाहर खेल रहे बच्चों ने जब महिला की चीख-पुकार सुनी तो तुरंत पड़ोसियों को आवाज लगाई। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने दरवाजा तोड़कर महिला को बाहर निकाला और आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक घर के अंदर रखा अधिकांश घरेलू सामान जल चुका था। ग्रामीणों ने जैसे-तैसे महिला को आग से बचाया, लेकिन उसका मानसिक संतुलन उस समय ठीक नहीं था। वह अचानक बदहवास हालत में सड़क की ओर दौड़ी और वहां से गुजर रहे एक ट्रक के नीचे आने की कोशिश की। मौके पर मौजूद लोगों ने दौड़ते हुए महिला को पकड़ लिया। इसके बाद तुरंत 108 एम्बुलेंस की मदद से उसे हॉस्पिटल पहुंचाया गया।
एसएचओ ने बताया कि महिला का पति कस्बे में चाय का ठेला लगाता है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हॉस्पिटल पहुंची और परिजनों से पूछताछ की। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस घटना के पीछे केवल मानसिक बीमारी ही कारण थी या कोई अन्य पारिवारिक वजह भी सामने आएगी। फिलहाल, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
