नई दिल्लीः अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब एक महीने से ज्यादा लंबा खिंच चुका है। 28 फरवरी से शुरू हुआ यह युद्ध अभी तक किसी ठोस समाधान की तरफ बढ़ता नहीं दिख रहा है। पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमलों को रोकने की अवधि बढ़ाई थी, जिससे कुछ समय के लिए तनाव कम होने की उम्मीद जगी थी। लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। भारतीय शेयर बाजार के लिए सप्ताह की शुरुआत बेहद खराब रही। दरअसल, आज बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया। सेंसेक्स 1635 अंक की गिरावट के साथ 71,947 पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी 2.14 फीसदी या 488 अंक की गिरावट के साथ 22,331 पर बंद हुआ।
बाजार में चौतरफा गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग सेक्टर पर देखने को मिला। इसकी बड़ी वजह RBI का हालिया फैसला है। रिजर्व बैंक ने बैंकों के विदेशी मुद्रा एक्सपोजर पर सख्ती बढ़ा दी है, जिससे बैंकों को अपनी पोजीशन घटानी पड़ सकती है। इस फैसले के बाद बैंकिंग शेयरों में बिकवाली तेज हो गई। सेक्टोरल सूचकांकों की बात करें, तो आज सबसे अधिक गिरावट निफ्टी पीएसयू बैंक में 4.56 फीसदी दर्ज हुई।
इसके अलावा, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 3.37 फीसदी, निफ्टी रियल्टी में 2.84 फीसदी, निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में 1.61 फीसदी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 2.58 फीसदी, निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.39 फीसदी, निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर में 1.21 फीसदी, निफ्टी फार्मा में 1.48 फीसदी, निफ्टी मेटल में 0.21 फीसदी, निफ्टी ऑटो में 2.39 फीसदी, निफ्टी एफएमसीजी में 1.91 फीसदी, निफ्टी आईटी में 1.62 फीसदी और निफ्टी मीडिया में 2.50 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। आज बाजार में लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। ऑटो, FMCG, बैंकिंग, रियल्टी, टेलीकॉम और कैपिटल गुड्स सेक्टर में 2% से 4% तक की गिरावट दर्ज की गई।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली, जिससे छोटे निवेशकों को ज्यादा नुकसान हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल भी बाजार गिरने की एक बड़ी वजह रहा। ब्रेंट क्रूड की कीमत $115 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है, जिससे तेल की कीमतें लगातार चढ़ रही हैं।
तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का खतरा होता है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ता है। निफ्टी के प्रमुख गिरने वाले शेयरों में बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, एसबीआई और श्रीराम फाइनेंस शामिल रहे। वहीं, कुछ शेयर जैसे हिंदाल्को, कोल इंडिया और ONGC में हल्की बढ़त देखने को मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। ग्लोबल तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और नीतिगत फैसले बाजार की दिशा तय करेंगे। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहने और जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।