चंडीगढ़: एसिड अटैक पीड़ितों के लिए वित्तीय सुरक्षा और सामाजिक सम्मान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पिछले वर्ष के दौरान एसिड अटैक पीड़ितों के लिए चल रही योजना को जेंडर-न्यूट्रल बना दिया गया है।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “पिछले वर्ष के दौरान एसिड अटैक पीड़ितों के लिए चल रही योजना को जेंडर-न्यूट्रल बनाया गया है। यह योजना पहले केवल महिलाओं तक सीमित थी, लेकिन अब पुरुष और ट्रांसजेंडर पीड़ित भी इसका लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा, इस योजना के तहत मासिक वित्तीय सहायता को 8,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है, जो पीड़ितों के जीवन-यापन और पुनर्वास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी।”
हिंसा पीड़ितों के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मंत्री ने कहा कि यह पहल केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि सम्मान और आत्मविश्वास को पुनर्स्थापित करने का एक सशक्त प्रयास है। डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “पंजाब सरकार हर उस व्यक्ति के साथ खड़ी है जो किसी भी प्रकार की हिंसा का शिकार हुआ है। यह निर्णय केवल आर्थिक सहायता के बारे में नहीं, बल्कि पीड़ितों के सम्मान, आत्मसम्मान और विश्वास को बहाल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार मानवाधिकारों की रक्षा और समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। हमारा उद्देश्य एक ऐसा समाज बनाना है, जहां हर पीड़ित समानता, सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन जी सके।”
ऐसे अपराधों के गंभीर प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा, “एसिड हमले न केवल शारीरिक घाव देते हैं, बल्कि गहरी भावनात्मक और मानसिक पीड़ा भी छोड़ जाते हैं। ऐसे आघात से गुजरने वाले लोगों के लिए यह केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि यह भरोसा है कि वे अकेले नहीं हैं। पंजाब सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है, उनकी हिम्मत को सलाम करती है और उनके जीवन को पुनः सम्मान, आशा और आत्मविश्वास से भरने के लिए प्रतिबद्ध है।”
