चंडीगढ़ः पुलिस ने आतंकी मॉड्यूल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम किया है। दरअसल, पुलिस ने आईएसआई से जुड़े 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अधिकांश आरोपी पंजाब के रहने वाले हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पंजाब और हरियाणा में गुप्त कैमरे लगा रहे थे। इन कैमरों के जरिए सारी जानकारी पाकिस्तान भेजी जानी थी। ये आरोपी एक बड़े हमले की योजना बना रहे थे। यह जानकारी सूत्रों से मिली है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि गिरफ्तार आरोपियों ने 9 संवेदनशील लोकेशनों पर CCTV कैमरे लगाए थे। ये कैमरे आम निगरानी के लिए नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारियां जुटाने के लिए लगाए गए थे। इन कैमरों से मिलने वाला लाइव फीड सीधे पाकिस्तान में बैठे ISI ऑपरेटिव्स तक पहुंच रही थी। यानी भारत की जमीन पर बैठकर दुश्मन को हर मूवमेंट की जानकारी दी जा रही थी। सेना से जुड़े ठिकानों और डिफेंस प्रतिष्ठानों पर नजर रखने की जिम्मेदारी इन्हीं लोगों को सौंपी गई थी। शुरुआती जांच में पता चला कि आरोपियों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में नौ जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। कठुआ से उत्तर भारत में कई जगह सेना से जुड़े प्रतिष्ठान पर कैमरे लगाए लगाए थे।
पुलिस के मुताबिक, ये मॉड्यूल जासूसी गतिविधियों और आतंकी गतिविधियों में भी शामिल था। ये पाकिस्तान से हथियार भी मंगा रहे थे। छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से सोलर पावर से चलने वाले CCTV कैमरे बरामद हुए, जिन्हें दूर-दराज और संवेदनशील इलाकों में बिना शक पैदा किए लगाया गया था। इसके अलावा विदेशी और देशी पिस्टल, जिंदा कारतूस और कई संदिग्ध सिम कार्ड भी जब्त किए गए हैं। ये बरामदगी साफ इशारा करती है कि मॉड्यूल पूरी तरह संगठित और तकनीकी रूप से मजबूत था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन हथियारों और उपकरणों का इस्तेमाल कब और कैसे किया जाना था।
गाजियाबाद पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने 14 मार्च को कौशांबी क्षेत्र से एक महिला समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। यह लोग पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट के लिए काम कर रहे थे। वहीं, इनसे पूछताछ के आधार पर पुलिस ने 15 और आरोपितों को गिरफ्तार किया था, इनमें नाबालिक भी शामिल थे। जांच में पता चला था कि ये सभी लोग सैन्य ठिकानों, रेलवे स्टेशनों समेत अन्य संवेदनशील स्थानों की लोकेशन, फोटो, वीडियो पाकिस्तान भेज रहे थे। इन लोगों ने दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन पर सोलर बेस्ड कैमरे भी लगाए थे। इन कैमरा की फीड पाकिस्तान दी गई थी। सुरक्षा एजेंसी अभी जांच में जुटी हुई है।