नई दिल्ली: रुसी सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। वह घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने के लिए 1 अप्रैल से गैसोलीन के निर्यात प्रतिबंध लगाएगी। रुस का ये फैसला मिडिल ईस्ट में अमेरिका ईरान वॉर के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट में जारी उथल-पुथल के बीच आया है। ये फैसला कुछ देशों के लिए एनर्जी मार्केट में और संकट पैदा कर सकता है। जो रुस से डायरेक्ट गैसोलीन का आयात करते हैं। इसमें चीन, तुर्की , ब्राजील अफ्रीका और सिंगापुर जैसे देश शामिल है।
रुसी सरकार ने किया बड़ा ऐलान
रुसी सरकार ने एक बड़ा ऐलान किया है। वो अब घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने के लिए 1 अप्रैल से गैसोलीन के नियंत्रित प्रतिबंध लगाएगी। रुस का ये फैसला मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान वॉर के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट में जारी उथल-पुथल के बीच आया है। यह फैसला कुछ देशों के लिए एनर्जी, मार्केट में और संकट पैदा करेगा जो कि रुस से डायरेक्ट गैसोलीन का आयात करते हैं।
इसमें चीन, तुर्की, ब्राजील, अफ्रीका और सिंगापुर जैसे देश शामिल हैं। रुस के उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने कहा कि संकट के कारण ग्लोबल तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में काफी उतार चढ़ाव हो रहा है। रुस के उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने कहा कि संकट के कारण ग्लोबल तेज और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में भारी उतार चढ़ाव आ रहा है।
विदेशों में रुसी ऊर्जा की मांग मजबूत बनी हुई है। यह घोषणा नोवाक की अध्यक्षता में घरेलू पेट्रोलियम उत्पाद बाजार की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक के बाद की गई है। बैठक के दौरान रुसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के घरेलू ईंधन की कीमतों को ज्यादा से ज्यादा बढ़ने से रोकने पर जोर दिया गया है।
ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि तेल रिफाइन कीमतों को ज्यादा बढ़ने से रोकने पर जोर दिया गया है। ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि तेल रिफाइन की कीमतें मार्च 2025 के स्तर के अनुरुप बनी हुई है जिससे घरेलू आपूर्ति स्थिर बनी रहेगी।
इस वजह से लिया रुस ने फैसला
रुस का यह कहना है कि उसने यह फैसला घरेलू मांग को पूरा करने के लिए लिया है ताकि गैस और डीजल का पर्याप्त भंडार बना रहे और घरेलू स्तर पर इंडस्ट्री की मांग में भी कमी न हो। सरकार के बयान मेें कहा गया है कि रुसी राष्ट्रपति द्वारा तय घरेलू ईंधन की कीमतों को पूर्वानुमान से ज्यादा बढ़ने से रोकने के लक्ष्य पर खास जोर दिया गया है।
नोवाक ने ऊर्जा मंत्रालय को 1 अप्रैल से गैसोलीन के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है ताकि कीमतों को स्थिर किया जा सके और स्थानीय बाजार में प्राथमिकता के आधार पर आपूर्ति पूरी हो सके।
