लुधियाना, 31 जनवरी 2026: लुधियाना पुरस्कार समारोह के तहत सनातन सेवा समिति पंजाब और वेद प्रचार मंडल पंजाब की ओर से संयुक्त रूप से बीसीएम स्कूल, लुधियाना में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस समारोह में पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस तथा दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस अवसर पर सनातन सेवा समिति पंजाब के अध्यक्ष विजय शर्मा और वेद प्रचार मंडल पंजाब के अध्यक्ष रोशन लाल आर्य भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि शिक्षा मंत्री होने के नाते उनके कंधों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि हम समाज में किसी प्रकार का सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं तो उसका सबसे प्रभावी माध्यम शिक्षा है। जैसा राज्य या देश हम बनाना चाहते हैं, वैसे ही संस्कार और सिद्धांत हमें अपने बच्चों को शिक्षा के माध्यम से देने होंगे।
उन्होंने कहा कि भले ही आज दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार नहीं है, लेकिन दिल्ली के सरकारी स्कूलों में मनीष सिसोदिया द्वारा दिया गया मॉडल पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे एक छोटा पौधा प्रारंभिक अवस्था में होता है तो उसे मनचाहा आकार दिया जा सकता है, उसी तरह बच्चों को बचपन से ही बेहतर शिक्षा व्यवस्था के जरिए संवारा जा सकता है। शिक्षा मंत्री ने अध्यापकों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक बहुत सराहनीय कार्य कर रहे हैं और उन्हें अपने विद्यार्थियों को अपनी विरासत, संस्कृति और सही मूल्यों से जोड़ते रहना चाहिए।
दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि ऐसा लुधियाना पुरस्कार समारोह अपने आप में अलग और विशेष है। उन्होंने कहा कि वे लगभग दस वर्षों से शिक्षा प्रणाली और राजनीति से जुड़े हुए हैं, लेकिन इस तरह के कार्यक्रम बहुत कम देखने को मिलते हैं। उन्होंने इस आयोजन का श्रेय सनातन सेवा समिति पंजाब, वेद प्रचार मंडल पंजाब, बीसीएम स्कूल के प्रिंसिपल और विद्यार्थियों को दिया।

उन्होंने कहा कि रोशन लाल आर्य, विजय शर्मा और विभिन्न स्कूलों के प्रिंसिपलों ने मिलकर एक बड़ी सोच के साथ यह पहल की है कि विद्यार्थियों को वेद, उपनिषद, रामायण और गीता का ज्ञान दिया जाए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे इस ज्ञान को केवल पढ़ें ही नहीं बल्कि अपने जीवन में भी उतारें।
उन्होंने आगे कहा कि आज दुनिया वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं में बैठकर ब्रह्मांड को समझने की कोशिश कर रही है, लेकिन हमारे ऋषियों और गुरुओं ने यह सब हजारों साल पहले ही समझ लिया था। यदि हमारे बच्चे वेद और उपनिषदों के मार्ग पर चलेंगे तो वे महान वैज्ञानिक बनेंगे।
पिछले एक वर्ष से संस्कृति और वेदों से जोड़ने के उद्देश्य से भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जा रही थी, जिसमें 25 स्कूलों के 296 विद्यार्थियों ने भाग लिया। लुधियाना पुरस्कार समारोह के दौरान विजेता विद्यार्थियों और स्कूल प्रिंसिपलों को सम्मानित किया गया।

समारोह के बाद शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि केंद्र सरकार को पंजाब के लिए विशेष राहत पैकेज देना चाहिए और शिक्षा बजट को बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भारत को सुपर पावर बनाना है तो शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।
