सनातन के कई यौद्धाओं ने मां पीतांबरा बगलामुखी की साधना से ही विजय प्राप्त की
ऊना/ सुशील पंडित : अखिल भारतीय संत परिषद् के तत्वाधान में हिन्दू बचाओ मोर्चा के द्वारा सनातन धर्म की रक्षा हेतु सनातन धर्म के शत्रुओं के समूल विनाश हेतु सनातनियों के आपसी भाईचारे हेतु मां जगदंबा और भगवान महादेव शिव की अखण्ड भक्ति, सद्बुद्धि, शक्ति तथा सनातन धर्मालंबियों की वंश वृद्धि हेतु चल रहे पांच दिवसीय मां बगलामुखी महायज्ञ यज्ञ के दुसरे दिन यज्ञ आचार्य यति सत्यदेवानन्द सरसवती जी महाराज शिष्य परम् पूजनीय महामंडलेश्वर यति नरसिंहानन्द गिरी जी महाराज ने धर्म चर्चा में कहा कि मां बगलामुखी दस महाविद्याओं में अष्ठ महाविद्या है भगवान विष्णु जी की वैष्णव शक्ति है। विजय की दात्री है शत्रु हंता है।
इनकी सबसे पहले पृथ्वी पर मानव शरीर में भगवान परशुराम जी ने साधना करी है। जब उनका संघर्ष क्षत्रियों के एक वंश से चल रहा था उसमें विजय प्राप्ति के लिए भगवान परशुराम जी ने मां बगलामुखी की साधना करी।उनके बाद रावण, द्रोणाचार्य, भगवान राम, योगेश्वर श्री कृष्ण जी तथा पांडवों सही कई धर्म के यौद्धाओं ने धर्म युद्ध को जीतने हेतु समय समय पर मां बगलामुखी की साधना करी है तथा विजय प्राप्त करी है।कालान्तर के चलते और संतानियों के निजी स्वार्थ के चलते यह विद्या केवल आपसी लड़ाई जमीनी मुकदमे या दुसरे की बुराई के लिए मां की साधना होने लग गई जिसके कारण सनातनी स्वयं की अपने विनाश की तरफ़ बड़ रहे हैं।इसी भ्रांति को मिटाने के लिए तथा सनातन धर्म पर आए समय की सबसे बिकट संकट से निपटने के लिए शिव शक्ति धाम डासना परिवार के द्वारा महामंडलेश्वर यति नरसिंहानन्द गिरि जी के भारत के शक्ति पीठों तथा सिद्ध पीठों में सनातन धर्म की रक्षा हेतु मां पीतांबरा बगलामुखी को पुणे जागृत करने का संकल्प लिया गया।
उसी उद्देश्य से धर्म भूमी कुरूक्षेत्र के पावन धाम से पांच दिवसीय मां बगलामुखी महायज्ञ साधना आरम्भ करके हिमाचल प्रदेश के शक्ति पीठ मां ज्वालामुखी पंजाब के सिद्ध पीठ मां कामाक्षी देवी धाम तथा कई गांवों के प्रसिद्ध मन्दिरों में यज्ञ करते हुए मां कांगड़ा माता बृजेश्वरी देवी मन्दिर मण्डल के जमानाबाद के चमत्यकारेश्वर शिव मंदिर में 5 दिवसीय मां बगलामुखी महायज्ञ साधना की जा रही है।आज दुसरे दिन उनके साथ डॉक्टर पवन गौतम, रवि, सुनील, कपलेश्वर गोल्डी चौधरी, रमेश सैनी, सुरेन्द्र चौधरी आदि ने हवन में आहुति डाल कर पुण्य अर्जित किया।