धर्म: आज पूरे देश में गुरु नानक देव जयंती धूमधाम के साथ मनाई जा रही है। ये गुरु नानक देव जी 556वीं जयंती है। गुरुनानक जयंती को गुरुपर्व भी कहा जाता है। यह सिखों का सबसे खास पर्व होता है। इस दिन को प्रकाश पर्व के तौर पर मनाया जाता है। गुरु नानक देव की जी करुणा, सद्भाव और सत्य की शिक्षाएं आज भी कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हैं। गुरु नानक देव के उपदेश इंसानियत और समानता का रास्ता दिखाते हैं। इस दिन देशभर के गुरुद्वारों को दीपों के साथ सजाया जाता है। सुबह-सुबह नगर कीर्तन निकाला जाता है और जगह-जगह लंगर के रुप में सामूहिक सेवा की जाती है।
गुरु नानक देव की शिक्षाएं
. परमात्मा एक ही है वही सब के रचयिता और पालनकर्ता हैं।
. ईश्वर हर जगह और हर प्राणी में विद्यमान हैं इसलिए किसी से भेदभाव न करो।
. जो व्यक्ति ईश्वर की भक्ति में लीन होता है उसको किसी चीज का डर नहीं होता।
. कभी किसी के बारे में बुरा मत सोचो और न ही बुरा करो। सभी के प्रति दया भाव रखो।
. सबको समान दृष्टि से देखो। स्त्री और पुरुष दोनों एक समान है।
. भोजन सिर्फ शरीर को जीवित रखने के लिए है। लोभ की बुरी आदत मत डालो ।
. हमेशा एक ही ईश्वर की साधना में मन लगाओ वही सच्चा मार्ग दिखाता है।
. हमेशा खुश रहो और ईश्वर से अपनी गलतियों के लिए माफी मांगो।
. अपनी कमाई का एक हिस्सा जरुरतमंदों की मदद में लगाओ यही सच्चा दान है।