सामाजिक जगत को अपूरणीय क्षति
ऊना/सुशील पंडित: अखिल भारतीय हिमाचल सामाजिक संस्था संघ के मुख्य सलाहकार, सामूहिक विकास मंच लम्बाग्रां के संस्थापक प्रधान एवं समाज सेवा के पुरोधा लक्ष्मी नारायण ठाकुर का 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने 21 जनवरी 2026 को अपने निवास स्थान पर अंतिम सांस ली। उनके निधन से हिमाचल सहित देशभर में कार्यरत हिमाचली सामाजिक संस्थाओं में शोक की लहर दौड़ गई है।
27 नवम्बर 1936 को हिमाचल प्रदेश के लम्बाग्रां में जन्मे लक्ष्मी नारायण ठाकुर ने जीवन का अधिकांश समय समाज सेवा को समर्पित किया। प्रारंभिक सेवाकाल में उन्होंने हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड में अपनी सेवाएं दीं। सेवा निवृत्ति के पश्चात वे पूर्ण रूप से सामाजिक कार्यों में सक्रिय हो गए और समाज के उत्थान को ही अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया।
अखिल भारतीय हिमाचल सामाजिक संस्था संघ की स्थापना के समय से ही वे डी.डी. डोगरा, कुंवर हरि सिंह, शालिग राम भारद्वाज जैसे वरिष्ठ समाजसेवियों के साथ जुड़े रहे। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं को संघ के साथ जोड़ने, समन्वय बनाए रखने तथा संगठन को मजबूत आधार प्रदान करने में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। संघ में विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने निष्काम भाव से समाज सेवा की।
लक्ष्मी नारायण ठाकुर का व्यक्तित्व सरल, स्पष्टवादी और अनुशासनप्रिय था। वे मानते थे कि समाजसेवा को राजनीति से दूर रहकर ईमानदारी और निष्ठा से करना चाहिए। उन्होंने कभी किसी व्यक्ति विशेष या विचारधारा का पक्ष नहीं लिया, बल्कि सदैव समाज हित को सर्वोपरि रखा। दहेज प्रथा, नशाखोरी और गौ-हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ वे जीवनभर मुखर रहे।
हिमाचली हितों के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य करना उनका सपना और जुनून था। प्रत्येक हिमाचली संस्था के साथ उनकी गहरी आत्मीयता थी। एक कवि, गायक, राष्ट्रवादी सोच के धनी और निर्भीक वक्ता के रूप में वे समाज में विशेष पहचान रखते थे। उन्होंने जिंदादिली से जीवन जिया और उम्र को कभी अपने कार्यों में बाधा नहीं बनने दिया।
उनके निधन पर अखिल भारतीय हिमाचल सामाजिक संस्था संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के.एम. लाल, महासचिव राकेश शर्मा (दिल्ली) सहित अमृतसर, ऊना, नंगल, काठगढ़, डैहर, नागपुर, सुंदरनगर, दिल्ली, पटियाला, देहरादून, विकासनगर, फतेहाबाद (हरियाणा), लखनऊ, भोपाल, कालका, चंडीगढ़, करनाल, सोलन, झंडूता, बिलासपुर, पछवादून, सिरमौर, खरड़, मुंबई, लुधियाना, पालमपुर, धर्मशाला, पधरा सहित देशभर में कार्यरत हिमाचली सामाजिक संस्थाओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
सभी संस्थाओं ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। समाज सेवा के क्षेत्र में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे।
