Loading...
- Advertisement -
Html code here! Replace this with any non empty raw html code and that's it.
HomeHimachalस्वर्गीय प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की प्रथम पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि

स्वर्गीय प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की प्रथम पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

ऊना/सुशील पंडित: प्रख्यात शिक्षाविद् और समाजसेवी स्वर्गीय प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की प्रथम पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उनके योगदान को स्मरण करते हुए, परिवार, मित्रों और समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने उनके प्रति अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। प्रो. अग्निहोत्री के पति उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और उनकी बेटी डॉ. आस्था अग्निहोत्री ने बुधवार को गोंदपुर जयचंद स्थित अपने आवास पर पूरे विधि-विधान से वार्षिक श्राद्ध अनुष्ठान संपन्न किया। इस अवसर पर समाज जीवन के हर वर्ग से जुड़े लोग  प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री को  श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंचे। दिनभर उनके प्रति सम्मान प्रकट करने वालों का तांता लगा रहा।

कार्यक्रम में चंबा सदर के विधायक नीरज नैयर चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन बबलू, नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बावा हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, परिवहन प्राधिकरण के सदस्य धमेंद्र धामी, रणजीत राणा और अशोक ठाकुर, पूर्व मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, ऊना के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को नमन किया।

शिक्षा और समाज सेवा के प्रति अद्वितीय समर्पण
स्वर्गीय प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री न केवल एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् थीं, बल्कि समाज सेवा के प्रति भी गहरा समर्पण रखती थीं। उनका मानना था कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे समाज के उत्थान का माध्यम भी बनना चाहिए। उन्होंने आस्था फाउंडेशन के माध्यम से गरीबों की सहायता, नशा विरोधी आंदोलन, सड़क सुरक्षा अभियान और कई अन्य सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई।

एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व
29 सितंबर 1968 को जन्मी प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री ने 9 फरवरी 2024 को अपनी सांसारिक यात्रा पूरी की। वे हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में लोक प्रशासन की प्रोफेसर थीं और उनकी विद्वता, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक योगदान को पूरे प्रदेश में सम्मान प्राप्त था। उनके शिक्षण और शोध कार्यों ने शिक्षा जगत पर अमिट छाप छोड़ी, जिससे अनगिनत विद्यार्थियों को मार्गदर्शन और प्रेरणा मिली।

Disclaimer

All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

- Advertisement -
- Advertisement -

You cannot copy content of this page