कुल्लूः हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में भूस्खलन की घटनाओं ने लोगों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। खासतौर पर कुल्लू के बंदरोल क्षेत्र में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं, जहां बिना बारिश के भी लगातार भूस्खलन हो रहा है। जानकारी के अनुसार, बंदरोल में एक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा गिरने से एक भवन को नुकसान पहुंचा है, जबकि आसपास के कई मकान और एक होटल भी खतरे की जद में आ गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी में लगातार दरारें पड़ रही हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उधर, होटल के नीचे एक भवन का कुछ हिस्सा भी नीचे चला गया है।
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यह मकान राधे श्याम पुत्र टना राम का था। इस मकान में कुछ समय तक एक परिवार रहता था। घटना के बाद आसपास के मकानों और एक होटल पर भी खतरा मंडराने लगा है, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। यह घटना जवाहर नवोदय विद्यालय के पास पेश आई, जहां पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा गिरा। गनीमत यह रही कि भवन खाली था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। एहतियात के तौर पर प्रशासन की ओर से रिजेंटा होटल को खाली करवा दिया है। स्थानीय लोगों ने पास के एक अन्य भवन को तुरंत खाली करवा दिया। ब्यास नदी के किनारे से ऊपर की तरफ मिट्टी खिसकी है, जिसका वीडियो भी सामने आया है।
वीडियो में लोग कहते सुनाई दे रहे हैं कि अब इन भवनों को खाली करना चाहिए। बता दें कि इससे पहले, मंगलवार को जहां मनाली में अलेऊ के पास लेफ्ट बैंक पर नग्गर की तरफ से कुल्लू और मनाली को जोड़ने वाले हाइवे का हिस्सा भी बैठ गया था। इसके बाद बुधवार को मंडी जिले के चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे में जागर नाला पर बने पुल के साथ लगता डंगा बारिश के कारण एक बार फिर से ढह गया। यह डंगा पहले भी धंस गया था, जिसे कंपनी ने दोबारा बनाया था, लेकिन बुधवार को से फिर से यह बारिश को सह नहीं पाया। इस कारण करीब 30 मीटर सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई है। यदि डंगे का बाकी हिस्सा भी गिरता है तो साथ लगते आधा दर्जन घरों पर खतरा मंडरा सकता है।