चंडीगढ़: पंजाब में वन्य जीवों की सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने संबंधी भगवंत सिंह मान सरकार के प्रयासों के सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं। महिंद्र चौधरी जूलॉजिकल पार्क छत्तबीड़ में साल के पहले दो महीनों में 80,508 सैलानियों की आमद दर्ज की गई है। वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने बताया कि जनवरी में 48,719 और फरवरी में 31,789 पर्यटक चिड़ियाघर पहुंचे, जो वन्यजीव संरक्षण के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार जंगली जीवों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए जनभागीदारी बढ़ाने पर काम कर रही है।

मंत्री ने बताया कि चिड़ियाघर में देश का सबसे लंबा वॉक-इन एरिया, अत्याधुनिक डायनासोर पार्क, 1200 मीटर का सफारी क्षेत्र, 260 केवी सोलर प्लांट और मांसाहारी जानवरों के इलाज के लिए क्रिटिकल केयर यूनिट जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। साथ ही स्कूली बच्चों और सैलानियों के लिए ओपन-एयर जू एजुकेशन प्लाज़ा भी तैयार किया गया है, जिससे वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा मिल रहा है।

कटारूचक्क ने बताया कि राज्य में सिंधु नदी डॉल्फिन को प्रांतीय जल जीव घोषित किया गया है और 13 वन्यजीव अभ्यारण्यों को प्लास्टिक मुक्त बनाया गया है। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा प्राथमिक विकास के लिए चुने गए 100 वेटलैंड्स में पंजाब के हरीके, रोपड़, कांजली, केशोपुर और नंगल वेटलैंड शामिल किए गए हैं, जिससे राज्य में जैव विविधता संरक्षण को और मजबूती मिलेगी।
