नई दिल्ली : यूएस इजरायल जंग में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर अली अयातुल्ला अली खामेनेई को देश के सबसे पवित्र शहरों में से एक में दफनाने की तैयारी हो रही है। ईरान की सेमी-ऑफिशियल फार्स न्यूज एजेंसी का हवाला देते हुए एएफपी ने बताया कि उन्हें मशहद में दफनाया जाएगा जो उत्तर-पूर्वी शहर है। इसी शहर में खामेनेई का जन्म हुआ था। इसी जगह पर उनके पिता को इमाम राजा दरगाह के अंदर दफनाया गया था।
खामेनेई ने 36 साल तक ईरान का नेतृत्व किया और पिछले दिनों शुरु हुए यूएस-इजरायल हमलों के दौरान 86 साल की उम्र में मारे गए। उनकी मौत का ऐलान यूएस के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल मीडिया पर किया था। बाद में ईरानी शासन ने इसकी पुष्टि की थी। खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक किए जाने से पहले इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कथित तौर पर अपने टेलीग्राम अकाउंट पर कहा कि तेहरान में एक बड़ी विदाई सेरेमनी होगी।
इस दिन होगा अंतिम संस्कार
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी समय के अनुसार, आज रात 10 बजे खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरु हो जाएगी। इमाम खुमैनी मस्जिद में 3 दिन का विदाई समारोह होगा। सुपुर्द-ए-खाक किए जाने का प्रोग्राम अभी चल रहा है जिसका ऐलान किया जाएगा।
ईरान का धार्मिक सेंटर है मशहद
ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर मशहद देश के सबसे जरुरी धार्मिक सेंटर में से एक है। यहां इमाम रजा की दरगाह है जो शिया इस्लाम का एक बड़ा तीर्थस्थल है जहां हर साल लाखों लोग पहुंचते हैं। खामेनेई ईरान के सबसे लंबे समय तक रहने वाले राष्ट्रध्यक्ष थे और 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से सिर्फ दूसरे सुप्रीम लीडर थे। देश के सबसे बड़े अधिकारी के तौर पर उनके पास रक्षा, अर्थव्यवस्था और शिक्षा जैसे जरुरी सरकारी मामलों पर आखिरी अधिकार था। तीन दशकों से ज्यादा समय तक उन्होंने ईरान के पॉलिटिकल सिस्टम पर मजबूत पकड़ बनाकर रखी और पूरे मिडिल ईस्ट में अपना असर बढ़ाया।
मिडिल ईस्ट में मची भारी उथल-पुथल
एक अनुमान के अनुसार, मिडिल ईस्ट में चल रही जंग में 500 से ज्यादा जानें जा चुकी हैं। ईरान यूएस के हमले का जवाब मिडिल ईस्ट के अरब देशों को निशाना बनाकर बार-बार मिसाइल और ड्रोन हमले करके दे रहा है।