देहरादूनः उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में लगातार हो रही भारी बर्फबारी ने पूरे केदारनाथ नगर को बर्फ की एक मोटी चादर से ढक दिया है। जहां एक ओर 22 अप्रैल को होने वाले कपाट उद्घाटन की तैयारियां जोरों पर थीं, वहीं दूसरी ओर लगातार हो रही भारी बर्फबारी ने मजदूरों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। आलम यह है कि जिन रास्तों और मंदिर परिसर से हाल ही में बर्फ हटाई गई थी, वे स्थान एक बार फिर कई फीट बर्फ की तह में दब गए हैं। मौजूदा मौसम परिस्थितियों ने तीर्थयात्रा की तैयारियों को प्रभावित कर दिया है।
लगातार खराब मौसम के कारण निर्माण कार्य, साफ-सफाई और अन्य जरूरी तैयारियां धीमी पड़ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम में जल्द सुधार नहीं होता है, तो इसका असर श्रद्धालुओं की यात्रा पर भी पड़ सकता है। मिली जानकारी के अनुसार धाम में कल शाम से ही रुक-रुक कर बर्फ गिर रही है। बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) के सदस्य विनीत पोस्ती ने बताया कि केदारनाथ धाम में मौसम पल-पल रंग बदल रहा है। मंदिर परिसर पूरी तरह से बर्फ से ढक चुका है।
सबसे ज्यादा चुनौती उन रास्तों को लेकर आ रही है जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद पैदल यात्रा के लिए साफ किया गया था, लेकिन ताजी बर्फबारी के बाद वे फिर से दुर्गम हो गए हैं। बर्फबारी के कारण पैदल मार्ग का सुधारीकरण, बिजली-पानी की व्यवस्था और टेंट कॉलोनी बसाने का काम प्रभावित हो रहा है। अगर मौसम का यही हाल रहा, तो कपाट खुलने से पहले व्यवस्थाएं पूरी करना एक बड़ी चुनौती साबित होगा। केदारनाथ में इस बार मौसम कुछ ज्यादा ही मेहरबान नजर आ रहा है। केदारपुरी एक बार फिर चांदी जैसी सफेद बर्फ से चमक उठी है। हालांकि, पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए यह नजारा बेहद खूबसूरत है, लेकिन यात्रा सुचारू करने में जुटे कर्मचारियों के लिए यह किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है।