जालंधर, ENS: फिल्लौर के अधीन आते इलाके में 12वीं कक्षा के छात्रा ने घर में पंखे फंदा लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। मिली जानकारी के मुताबिक उस समय सिविल अस्पताल में हंगामा हो गया, जब कार में सवार लोग लड़की का उपचार करवाने आए। उन्होंने लड़की की उम्र 16 साल और 12वीं छात्रा बताया। जब डॉक्टर ने लड़की की जांच की तो बताया कि वो दम तोड़ चुकी है।
बताया जा रहा हैकि सिविल अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने उसे मृत बताकर शव मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए रखने को कहा तो परिजन अस्पताल के कर्मचारियों से हाथापाई करने लगे और शव कार में डालकर ले गए। जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया। पुलिस ने जांच शुरू होने पर परिजन दोबारा शव अस्पताल लेकर आ गए और शव को मोर्चरी में रखवा दिया। उन्होंने बताया कि लड़की के पिता ने बताया कि वे अपने भाई के साथ काम पर निकले थे तो पता नहीं था कि बेटी स्कूल नहीं गई।
उसकी मां का फोन आया कि बेटी दरवाजा नहीं खोल रही। वे घर वापस पहुंचे और दरवाजा तोड़ दिया। बेटी दुपट्टे से पंखे के साथ फंदा लगा चुकी थी। जब यहां आए तो डॉक्टर ने कहा कि बेटी दम तोड़ चुकी है। इसके बाद वे उसे दूसरे अस्पताल में ले गए कि शायद वो ठीक हो जाए। थाना प्रभारी सुखदेव सिंह ने बताया कि अस्पताल से शव जबरदस्ती ले जाने की सूचना मिलते ही पुलिस जांच में जुट गई। बाद में पता लगा कि परिजन व गांव के लोग उसे अस्पताल ले आए थे। बताया जा रहा है कि पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
