सुनवाई ना होने पर सदस्यों ने किया हंगामा, फिर हुई मरीज की पट्टी
जालंधर, ENS: पंजाब सरकार द्वारा भले ही सरकारी अस्पतालों को अपग्रेड किया जा रहा है। लेकिन जमीनी हकीकत में आज भी ईलाज करवाने के लिए मरीजों को मशक्त करनी पड़ रही है। वहीं ऐसा ही एक मामला सिविल अस्पताल से सामने आया है। जहां एनिमल केयर प्राेटेक्शन फाउंडेशन के संस्था के सदस्यों काे सिविल अस्पताल में अज्ञात मरीज के सिर पर पड़े कीड़ाें की सफाई और ड्रेसिंग के लिए खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि उनकी करीब एक घंटे तक डाॅक्टरों के पास चक्कर लगाने के बाद भी सुनवाई न हुई। जिसके बाद परेशान होकर सदस्यों द्वारा हंगामा शुरू कर दिया गया। हंगामा बढ़ता देखने के बाद डॉक्टरों ने हड़कंप मच गया और मरीज की ड्रेसिंग की गई।
मामले की जानकारी देते हुए एनिमल प्राेटेक्शन फाउंडेशन की सीनियर काेआर्डिनेटर जसप्रीत काैर ने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि लाल रतन सिनेमा के सामने एक व्यक्ति के सिर पर हुए जख्म में कीड़े रेंग रहे हैं। अपने साथी सार्थक छाबड़ा की मदद से उन्होंने उसे सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचाया। वहां से ओपीडी में भेजा गया। वहां डाॅक्टर ने दूसरे मरीजों की जांच पहले करने की बात कही। बोले- जांच व ड्रेसिंग डेढ़ घंटे बाद होगी। इस मरीज से बाकी मरीजों को समस्या हो सकती है। उस दौरान व्यक्ति की हालत काफी गंभीर थी।
उनका कहना है कि जिसके बाद आखिर में वह मेडिकल सुपरिंटेंडेंट से मिलने गए, लेकिन वहां पर भी उन्हें आधा घंटा बाहर खड़े रहना पड़ा। हैरानी की बात यह है कि आधा घंटा इंतजार करने के बाद भी जब वह नहीं मिले तो उनके और उनके सदस्यों द्वारा राेष जताया गया गया। जिसके बाद अस्पताल के ही कर्मचारी नरेश कुमार ने ड्रेसिंग के साथ मरीज के सिर से कीड़े निकाले। उन्होंने बताया कि कीड़ों के कारण पीड़ित की एक आंख भी खराब हो चुकी है।
वहीं दूसरी ओर इस मामले को लेकर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डाॅ. गीता ने बताया कि जिन मरीजाें को कीड़े पड़ जाते हैं, उन्हें दूसरे मरीजाें से अलग रखा जाता है। उनसे अन्य मरीजाें काे भी इन्फेक्शन का खतरा हाेता है। इसलिए उनकी सबसे बाद में ड्रेसिंग की जाती है ताकि उपकरणों में इन्फेक्शन न जा सके। अगर मरीज की ड्रेसिंग के लिए काेई दिक्कत आई थी ताे संस्था के मेंबर उनसे काॅन्टैक्ट कर सकते थे।