जालंधर, ENS: चिंटू और उसके साथियों को 29 मार्च देर रात पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है। इस मुठभेड़ को लेकर पुलिस अधिकारी निशांत ने बताया कि चिंटू ग्रुप ने उन पर 5 से 6 राउंड फायर किए थे, जिस पर जवाबी फायरिंग करते हुए पुलिस ने 4 से 5 राउंड फायर किए थे। हालांकि इस गोलीबारी में किसी को गोली नहीं लगी थी। वहीं पुलिस की गिरफ्त से भागने के दौरान नीरज गंभीर रूप से घायल हो गया था। जिसका अस्पताल में उपचार चल रहा था।
मामले की जानकारी देते हुए सीएआईए से थाना प्रभारी सुरिंदर ने बताया कि घटना दौरान घायल होने के चलते नीरज की अरेस्ट नहीं डाली गई थी। थाना प्रभारी सुरिंदर ने बताया कि नीरज पर चोरी-लड़ाई झगड़े और ड्रग के 12 मामले पहले से दर्ज थे। उसे वहां से सीधा उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जहां आज ईलाज के दौरान नीरज की मौत हो गई है। नीरज के मौत की पुष्टि थाना प्रभारी सुरिंदर ने की है। बता दें कि पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 अवैध पिस्टल, 22 कारतूस और 6 मैगजीन बरामद और 4 मोबाइल बरामद किए थे। वहीं पुलिस ने गिरफ्तार किए चिंटू और उसके 2 साथियों को कोर्ट में पेश कर 5 दिन का रिमांड हासिल किया था।
रिमांड दौरान पुलिस ने जांच में खुलासा किया था कि चिंटू ग्रुप की मनी चाहल और सुरिंदर सप्प की के साथ पहले दोस्ती होती थी और भगवान वाल्मीकि चौक के पास पार्किंग का ठेका लेने को लेकर उलझ पड़े थे। जिसकी रंजिश चिंटू ने अपने मन में रख उनकी हत्या करना चाहता था। एनकाउंटर में गिरफ्तार चारों आरोपियों के लिंक प्रेमा लहौरिया और विक्की गौंडर गैंग के साथ निकले हैं। कमिश्नरेट पुलिस द्वारा उक्त आरोपियों से करीब 6 अवैध पिस्टल, 22 कारतूस और 6 मैगजीन बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए गैंगस्टरों की पहचान चिंटू सैनी, साजन जोशी और किशन उर्फ गंजा के रूप में हुई है। चिंटू ने हत्या के लिए पांच अवैध हथियार यूपी झारखंड अपने किसी जानकार से मंगवाए थे।