जालंधर, वरुण/हर्षः पंजाब के मंत्री लालचंद कटारूचक्क पर शारीरिक शोषण के आरोप मामले में नया मोड़ आ गया है। आरोपी ने अपनी शिकायत वापस ले ली है। साथ ही पता चला है कि उसने किसी भी तरह की कार्रवाई कराने से मना कर दिया है। हालांकि अधिकारी अभी पूरे मामले में कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि उन्होंने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। वहीं इस मामले में केशव के यू-टर्न से भुलत्थ से कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा भड़क उठे। इस दौरान खैरा ने आरोप लगाते हुए कहा SIT मंत्री को बचाने के लिए बनाई गई थी न कि सजा देने के लिए। उन्होंने बदलाव के लिए बधाई भी दी है। सुखपाल खैरा ने कहा, ‘मैं भगवंत मान द्वारा गठित एसआईटी के तर्क से हैरान हूं, क्योंकि केशव ने अपनी शिकायत वापस ली है। वहीं दूसरी ओर खैरा ने किसानों के साथ पुलिस द्वारा धक्केशाही करने के मामले में सख्ती से निंदा की है। खैरा ने कहा कि किसानों की पुलिस द्वारा पगड़ियां उतारी गई जोकि निंदनीय है। इसकी कुछ वीडियो भी सामने आई है। जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे सरकार के आदेशों पर किसानों को जबरदस्ती सड़कों से उठाया जा रहा है और उन्हें हिरासत में लिया गया।
उन्होंने कहा कि दागी मंत्री कटारूचक को क्लीन चिट दे दी गई है! खैरा ने कहा कि सबसे पहले, राज्यपाल द्वारा सत्यापित कटारुचुक के यौन वीडियो क्लिप के बारे में क्या? क्या शिकायत वापस लेने से आरोपी अपराध से मुक्त हो जाता है? SIT ने पिछले 60 दिनों में कटारुचक के वीडियो के बारे में क्या किया? खैरा ने कहा कि दूसरी घटिया बचाव किया कि कटारुचक खुद एससी हैं, उनके खिलाफ कोई अपराध नहीं! यानी एक SC को दूसरे SC का रेप करने की इजाजत है? खैरा ने कहा कि एसआईटी को बता दें कि समलैंगिक संबंध या शादी कानून के तहत अपराध है, भले ही वह सहमति से क्यों न हो। उन्होंने आगे कहा कि सचमुच SIT का गठन मंत्री की सुरक्षा के लिए बनाई गई थी। उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए नहीं! उन्होंने कहा कि अन्याय के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी।
