जालंधर/वरुण: पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने सूबे में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चल रही मुहिम दौरान आज एक प्रायवेट व्यक्ति रमिन्दरपाल सिंह प्रिंस, निवासी मिशन कम्पाउंड, जालंधर को गिरफ़्तार किया है, जो पिछले चार सालों से एक पुलिस मुकदमे में भगौड़ा था। इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि इस सम्बन्धी एफआईआर नं. 01 तारीख़ 12- 02- 2015 को भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धाराओं 7,8 13( 2) के अंतर्गत मोहाली में ब्यूरो के फलायंग सकुऐड- 1 थाना, पंजाब में मुकदमा दर्ज किया गया था। उपरोक्त दोषी को 04- 01- 2019 को एसएएस नगर अदालत की तरफ से भगौड़ा ( पीओ) घोषित किया गया था और तब से वह अपनी गिरफ़्तारी से बचने के लिए फ़रार हो गया था।
विवरण देते हुए उन्होंने आगे बताया कि यह मामला विजीलैंस जांच के आधार पर एसएएस नगर में ब्यूरो के फलायंग सकुऐड- 1 थाना, पंजाब में दर्ज एफआईआर नं: 14, तारीख़ 11- 11- 2013 में कथित दोषों की जांच के हुक्मों के आधार पर दर्ज किया गया था। उन्होंने आगे बताया कि जांच के दौरान स्टेट केमिकल ऐगज़ामीनर लैबारटरी, खरड़, एसएएस नगर में बतौर लैबारटरी अटेंडेंट तैनात दोषी जगदीप सिंह निवासी गाँव सेहा, ज़िला लुधियाना ने खुलासा किया था कि उस समय सीआई ए तरन तारन में तैनात सहायक सब इंस्पेक्टर ( एएसआई) इन्द्रजीत सिंह ने उससे 10 लाख रुपए रिश्वत और उपरोक्त लैबारटरी में तैनात ऐनालिस्ट परमिन्दर सिंह से 3. 50 लाख रुपए की रिश्वत ली थी। उक्त एएसआई ने दोनों के ख़िलाफ़ एनएसपी एस. का मामला दर्ज करने की धमकी दी थी।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि उक्त दोषी जगदीप सिंह ने आगे खुलासा किया कि उक्त दोषी एएसआई ने रिश्वत दो प्रायवेट व्यक्तियों उक्त रमिन्दरपाल सिंह प्रिंस और पवन कुमार निवासी गांव नवां पिंड गेटवाला ज़िला कपूरथला के ज़रिये ली थी। उसने आगे दोष लगाया कि उपरोक्त कथित दोषी पवन कुमार ने उससे 3 लाख रुपए और परमिन्दर सिंह से 1. 50 लाख रुपए लिए थे, और यह रिश्वत की रकम उक्त एएसआई को दी जानी थी। रिश्वत की इस कुल 17 लाख रुपए रकम में से रमिन्दरपाल सिंह प्रिंस ने 2 लाख रुपए लिए थे। उक्त दोषों की पड़ताल के उपरांत उक्त सभी दोषियों एएसआई इन्द्रजीत सिंह, पवन कुमार और रमिन्दरपाल सिंह के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया गया था। दोषी को गिरफ़्तार कर लिया गया है और कल उसे एसएएस नगर में समर्थ अदालत के आगे पेश किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस मामले की आगे वाली जांच जारी है। बताया जा रहा है कि पकड़ा गया आरोपी प्रिंस कई पुलिस अफसरों का चहेता भी था और आरोपी के भाई बिल्ला के ऊपर शराब तस्करी के मामले दर्ज है।