जालंधर/वरुणः महानगर में मोहल्ला क्लीनिक खोले जाने को लेकर लोगों में भारी विरोध होना शुरू हो गया है। ऐसे में आप सरकार द्वारा 26 जनवरी से पहले 48 मोहल्ला क्लीनिक बनाकर उनकी घोषणा करने का लक्ष्य पूरा होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। दरअसल, सरकार पहले से चल रहे हेल्थ केंद्रों और डिस्पेंसरियों को आम आदमी क्लिनिक बनाने जा रही है। जिसका लोगों ने अभी से विरोध करना शुरू कर दिया है।
बता दें कि सरकार द्वारा नई जगह खोले गए मोहल्ला क्लीनिक को लेकर लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। सरकार ने गढ़ा, मकसूदां, मैहतपुर समेत अन्य स्थानों पर भी पहले से चल रही डिस्पेंसरियों को मोहल्ला क्लीनिक में बदलने को लेकर लोग डिस्पेंसरियों में आने वाले अधिकारियों की घेराबंदी कर रहे हैं। लोग डिस्पेंसरियों के सामने धरने लगा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि सरकार ने मोहल्ला क्लीनिक खोलने हैं तो इसके लिए अलग से व्यवस्था करे। जो संस्थान पहले ही चल रहे हैं और अच्छे चल रहे हैं उनका नाम बदल कर सुविधाओं पर कट क्यों लगाया जा रहा है।
जिला में जहां-जहां पर भी पहले से चल रहे हेल्थ सेंटरों को मोहल्ला क्लीनिकों में बदलने की कवायद हो रही है, वहां पर कांग्रेस-भाजपा वाले लोगों को साथ लेकर इसका विरोध कर रहे हैं, लेकिन किसान संगठनों ने भी सरकार की इस नीति का विरोध शुरू कर दिया है। नकोदर उपमंडल के तहत आते मैहतपुर में सिविल डिस्पेंसरी को मोहल्ला क्लीनिक बनाए जाने की घोषणा का किसान संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है।
