रिहायशी क्षेत्रों में हार्न और साउंड सिस्टम पर लगी पाबंदी
जालंधर, ENS: साउंड प्रदूषण की रोकथाम को लेकर जॉइंट सीपी संदीप शर्मा ने कमिश्नरेट पुलिस की सीमा में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रिहायशी क्षेत्रों में हार्न बजाने पर पाबंदी लगाई है। इसी तरह साउंड सिस्टम की आवाज 7.5 डीबी (ए) और लाउड स्पीकरों, पटाखों और शोर पैदा करने वाले यंत्रों की आवाज तय सीमा तक रखने के आदेश जारी किए हैं। जारी आदेशों में जॉइंट सीपी ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर पटाखे और लाउड स्पीकर की आवाज तय सीमा के अनुसार रखने के आदेश दिए हैं। जॉइंट सीपी ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति रात 10 से सुबह 6 बजे तक ढोल या भोंपू, आवाज पैदा करने वाला कोई यंत्र, साउंड एंप्लीफायर नहीं बजा सकेगा। इसके साथ ही मैरिज पैलेस और होटलों पर भी यह आदेश लागू होंगे।
इसी तरह प्राइवेट साउंड सिस्टम वालों की तरफ से 5 डीबी (ए) से अधिक आवाज नहीं रखी जाएगी। आदेश का उल्लंघन होने पर साउंड सिस्टम और समान जब्त किया जा सकेगा। आदेशों में यह भी कहा गया है कि म्यूजिक सिस्टम वाले वाहन से म्युजिक की आवाज वाहन से बाहर नहीं आनी चाहिए। इसके साथ ही जॉइंट सीपी द्वारा जारी एक और आदेश के अनुसार, साइबर क्राइम को रोकने के लिए पुलिस कमिश्नरेट जालंधर की सीमा मैं आते सभी मोबाइल फोन और सिम विक्रेता, मोबाइल फोन और सिम बेचते समय खरीददार से पहचान पत्र, आईडी प्रूफ, फोटो प्राप्त किए बिना मोबाइल फोन और सिम नहीं बेचेंगे और मोबाइल फोन को ग्राहक, विक्रेता से खरीद करते समय ग्राहक, विक्रेता को भी अपनी फर्म की मोहर और हस्ताक्षर के नीचे ‘परचेज सर्टिफिकेट’ देंगे।
इसी तरह वाहन पार्किंग मालिकों को भी आदेश जारी किए गए हैं। यदि वाहन एक दिन के लिए खड़ा किया गया है तो वाहन मालिक का साय रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज करना होगा। साथ ही वाहन मालिक के रजिस्टर पर दस्तखत भी करवाने होंगे। इसके साथ ही सड़कों के साथ-साथ फुटपाथ पर अनाधिकारिक बोर्ड लगाने, दुकानदारों द्वारा सड़कों और फुटपाथ पर सामान रख कर बेचने पर पाबंदी लगाई है। यह सभी आदेश 14 जून से लागू हो चुके हैं।
