जालंधर, ENS: भार्गव कैंप में महिला के साथ एएसआई प्रवीण द्वारा मारपीट को लेकर मामला गरमा गया है। इस मामले को लेकर एडीसीपी राकेश यादव ने एसीपी को जांच के आदेश दिए है। उन्होंने कहा कि एसीपी मामले की जांच कर रहे है। वहीं इस मामले में घायल महिला सिविल अस्पताल उपचार करवाने सिविल अस्पताल पहुंची। पीड़ित ममता ने मारपीट को लेकर अहम खुलासे किए है। पीड़िता ने कहा कि बहू प्रिया के माता-पिता की सालगिरह थी, जहां बेटा और बहू शामिल होने गए थे। इस दौरान वहां पर क्या हुआ उसके बारे में उसे कुछ नहीं पता। लेकिन बेटा अकेला घर वापिस आ गया। जिसके बाद 2 दिन बाद बेटा रोहित बहू को लेने के लिए गया और लेकिन बहू के घर ना आने पर वह वहां से वह 3 वर्षीय बेटी को लेकर आ गया। इस मामले को लेकर बहू परिवार द्वारा थाने में शिकायत दी गई। पीड़िता का कहना है कि पुलिस ने उन्हें शिकायत के बारे में कुछ नहीं बताया कि किसने और किसके खिलाफ शिकायत दी है।
.
ममता ने कहा कि शिकयात को लेकर उसे थाने से फोन आया और थाने आने के लिए कहा गया, जिसके बाद उसने पुलिस अधिकारी से कहा कि बेटा फोन नहीं उठा रहा है, ऐसे में जब वह फोन उठाता है तो वह खुद बेटे को लेकर थाने आ जाएगी। आरोप है कि एएसआई ने कहाकि जिसके बाद थाने आने की जरूरत नहीं है उनके बेटे के खिलाफ आगे शिकायत चली गई है। जिसके बाद इस मामले को लेकर थाने भी गई, लेकिन वहां पर कोई अधिकारी नहीं मिला। इसी मामले को लेकर आज 2 सिविल ड्रेस में कर्मियों के साथ एएसआई प्रवीण घर पर आया और हाथापाई करनी शुरू कर दी। इस दौरान महिला के कपड़े भी फाड़ दिए गए। ममता के अनुसार वह उसे मामले को लेकर पूछताछ करती रही। एएसआई ने सोए हुए बेटों को उठाया और उनके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। आरोप है कि एएसआई ने उसके मुंह पर भी थप्पड़ जड़ दिए और उसे बालों के घसीटकर सड़क पर लेकर आ गया। इस दौरान कहा कि दोनों बेटों को वह थाने लेकर जा रहा है। महिला ने कहा कि मोहल्ला निवासियों ने भी कहा कि वह खुद दोनों बेटों को थाने लेकर आ जाते है, लेकिन पुलिस अधिकारी ने एक ना सुनी।
उधर, एनकाउंटर न्यूज के पत्रकार से एएसआई प्रवीण कुमार ने घटना को लेकर बताया कि घरेलू विवाद का मामला है। जिसमें प्रिया का मायका घर दशमेश नगर में है। प्रिया का शादी भार्गव कैंप में रहने वाले रोहित कुमार से हुई है। दोनों की शादी में 3 साल की बच्ची है। एएसआई ने बताया कि प्रिया पति के साथ हुए झगड़े के बाद मायके घर चली गई। एएसआई के अनुसार 16 मार्च को रोहित और देवर मोहित 8 से 9 युवकों को लेकर उसके घर चले गए और उनके साथ मारपीट की। जिसके बाद उससे 3 वर्षीय बच्ची जबरन छीनकर ले चले गए।
इस मामले को लेकर एएसआई ने रोहित की मां और रोहित को फोन करके थाने बुलाया, लेकिन दोनों में कोई भी थाने नहीं पहुंचा। जिसके बाद दूसरा पक्ष उनके पास बार-बार आकर गुहार लगाता रहा कि उनकी 3 वर्षीय को उन्होंने मौत के घाट उतार देना है। इसी मामले को लेकर वह रोहित के घर गए, लेकिन वहां पर किसी ने उनकी बात नहीं सुनी और उसके बाद परिवार द्वारा उनके साथ बहसबाजी की गई। एएसआई का आरोप है कि इस दौरान उसके साथ तीनों द्वारा हाथापाई की गई, जिसके बाद उसने अपना बचाव किया। इस दौरान बचाव को लेकर हाथापाई हुई है। एएसआई ने बताया कि वह इस समय कोर्ट में अन्य मामले में पहुंचे है और इस मामले को लेकर उन्होंने उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया है।
